1 जनवरी 2029 को दुबई का पंचांग

सोमवार, 1 जनवरी 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

सोमवार, 1 जनवरी 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:23 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (02:27, 2 जन॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 08:23 से 09:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 17:40
रात 07:04 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:23 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 02:27 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:23 तक
कृष्ण द्वितीया 17:36, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 02:27, 2 जन॰ तक
पुष्य 01:14, 3 जन॰ तक
योग
इंद्र 19:42 तक
वैधृतिअशुभ 17:02, 2 जन॰ तक
करण
बालव 08:09 तक
कौलव 19:23 तक
तैतिल 06:32, 2 जन॰ तक
गर 17:36, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 20:42 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
18:31
चंद्रास्त
07:30
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
08:23 – 09:43
यमगंड
11:03 – 12:22
गुलिक काल
13:42 – 15:01

1 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:04 – 08:23शुभ
काल08:23 – 09:43टालें
शुभ09:43 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:22टालें
उद्वेग12:22 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:01सामान्य
लाभ15:01 – 16:21शुभ
अमृत16:21 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:40 – 19:21सामान्य
रोग19:21 – 21:01टालें
काल21:01 – 22:42टालें
लाभ22:42 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:43शुभ
अमृत03:43 – 05:24शुभ
चर05:24 – 07:04सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0407:57दिन
शनि07:5708:50दिन
गुरु08:5009:43दिन
मंगल09:4310:36दिन
सूर्य10:3611:29दिन
शुक्र11:2912:22दिन
बुध12:2213:15दिन
चंद्र13:1514:08दिन
शनि14:0815:01दिन
गुरु15:0115:54दिन
मंगल15:5416:47दिन
सूर्य16:4717:40दिन
शुक्र17:4018:47रात
बुध18:4719:54रात
चंद्र19:5421:01रात
शनि21:0122:08रात
गुरु22:0823:15रात
मंगल23:1500:22रात
सूर्य00:2201:29रात
शुक्र01:2902:36रात
बुध02:3603:43रात
चंद्र03:4304:50रात
शनि04:5005:57रात
गुरु05:5707:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2622° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।