27 जनवरी 2029 को दुबई का पंचांग

शनिवार, 27 जनवरी 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शनिवार, 27 जनवरी 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (15:19 तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:45 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:03 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 09:47 से 11:09 तक है।

दिन और रात
दिन 07:03 – 17:59
रात 07:03 तक
तिथि
द्वादशी, 15:19 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:45 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 15:19 तक
शुक्ल त्रयोदशी 14:11, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 13:18, 28 जन॰ तक
योग
इंद्र 07:57 तक
वैधृतिअशुभ 06:01, 28 जन॰ तक
विष्कंभअशुभ 03:33, 29 जन॰ तक
करण
बालव 15:19 तक
कौलव 02:51, 28 जन॰ तक
तैतिल 14:11, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:03
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
15:09
चंद्रास्त
04:23
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
09:47 – 11:09
यमगंड
13:53 – 15:15
गुलिक काल
07:03 – 08:25

27 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:03 – 08:25टालें
शुभ08:25 – 09:47शुभ
रोग09:47 – 11:09टालें
उद्वेग11:09 – 12:31टालें
चर12:31 – 13:53सामान्य
लाभ13:53 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:37शुभ
काल16:37 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:59 – 19:37शुभ
उद्वेग19:37 – 21:15टालें
शुभ21:15 – 22:53शुभ
अमृत22:53 – 00:31शुभ
चर00:31 – 02:09सामान्य
रोग02:09 – 03:47टालें
काल03:47 – 05:25टालें
लाभ05:25 – 07:03शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0307:58दिन
गुरु07:5808:53दिन
मंगल08:5309:47दिन
सूर्य09:4710:42दिन
शुक्र10:4211:37दिन
बुध11:3712:31दिन
चंद्र12:3113:26दिन
शनि13:2614:21दिन
गुरु14:2115:15दिन
मंगल15:1516:10दिन
सूर्य16:1017:05दिन
शुक्र17:0517:59दिन
बुध17:5919:05रात
चंद्र19:0520:10रात
शनि20:1021:15रात
गुरु21:1522:21रात
मंगल22:2123:26रात
सूर्य23:2600:31रात
शुक्र00:3101:36रात
बुध01:3602:42रात
चंद्र02:4203:47रात
शनि03:4704:52रात
गुरु04:5205:58रात
मंगल05:5807:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2632° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।