5 जुलाई 2029 को दुबई का पंचांग

गुरुवार, 5 जुलाई 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

गुरुवार, 5 जुलाई 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (13:28 तक), नक्षत्र अश्विनी (01:28, 6 जुल॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 14:05 से 15:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 19:13
रात 05:34 तक
तिथि
नवमी, 13:28 तक
दशमी
नक्षत्र
अश्विनी, 01:28 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जुलाई 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 13:28 तक
कृष्ण दशमी 15:41, 6 जुल॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 01:28, 6 जुल॰ तक
भरणी 04:09, 7 जुल॰ तक
योग
सुकर्मा 01:44, 6 जुल॰ तक
धृति 02:28, 7 जुल॰ तक
करण
गर 13:28 तक
वणिज 02:36, 6 जुल॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:41, 6 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
00:25
चंद्रास्त
13:47
दिनमान
13h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
14:05 – 15:48
यमगंड
05:33 – 07:16
गुलिक काल
08:58 – 10:41

5 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:33 – 07:16शुभ
रोग07:16 – 08:58टालें
उद्वेग08:58 – 10:41टालें
चर10:41 – 12:23सामान्य
लाभ12:23 – 14:05शुभ
अमृत14:05 – 15:48शुभ
काल15:48 – 17:30टालें
शुभ17:30 – 19:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:13 – 20:30शुभ
चर20:30 – 21:48सामान्य
रोग21:48 – 23:06टालें
काल23:06 – 00:23टालें
लाभ00:23 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 02:58टालें
शुभ02:58 – 04:16शुभ
अमृत04:16 – 05:34शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3306:42दिन
मंगल06:4207:50दिन
सूर्य07:5008:58दिन
शुक्र08:5810:06दिन
बुध10:0611:15दिन
चंद्र11:1512:23दिन
शनि12:2313:31दिन
गुरु13:3114:40दिन
मंगल14:4015:48दिन
सूर्य15:4816:56दिन
शुक्र16:5618:04दिन
बुध18:0419:13दिन
चंद्र19:1320:04रात
शनि20:0420:56रात
गुरु20:5621:48रात
मंगल21:4822:40रात
सूर्य22:4023:31रात
शुक्र23:3100:23रात
बुध00:2301:15रात
चंद्र01:1502:07रात
शनि02:0702:58रात
गुरु02:5803:50रात
मंगल03:5004:42रात
सूर्य04:4205:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 जुल॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
9 जुल॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
11 जुल॰ 2029आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
15 जुल॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 जुल॰ 2029कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश
21 जुल॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 जुल॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 जुल॰ 2029आषाढ़ पूर्णिमापूर्णिमा
29 जुल॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
2 अग॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2693° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।