25 अगस्त 2029 को दुबई का पंचांग

शनिवार, 25 अगस्त 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शनिवार, 25 अगस्त 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (06:50 तक), नक्षत्र शतभिषा (06:58 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 09:08 से 10:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:44
रात 05:57 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अगस्त 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 06:50 तक
कृष्ण द्वितीया 08:15, 26 अग॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 06:58 तक
पूर्वा भाद्रपद 09:00, 26 अग॰ तक
योग
सुकर्मा 16:41 तक
धृति 16:57, 26 अग॰ तक
करण
कौलव 06:50 तक
तैतिल 19:29 तक
गर 08:15, 26 अग॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 02:27, 26 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
19:18
चंद्रास्त
06:55
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
09:08 – 10:44
यमगंड
13:56 – 15:32
गुलिक काल
05:56 – 07:32

25 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:56 – 07:32टालें
शुभ07:32 – 09:08शुभ
रोग09:08 – 10:44टालें
उद्वेग10:44 – 12:20टालें
चर12:20 – 13:56सामान्य
लाभ13:56 – 15:32शुभ
अमृत15:32 – 17:08शुभ
काल17:08 – 18:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:44 – 20:08शुभ
उद्वेग20:08 – 21:32टालें
शुभ21:32 – 22:56शुभ
अमृत22:56 – 00:20शुभ
चर00:20 – 01:45सामान्य
रोग01:45 – 03:09टालें
काल03:09 – 04:33टालें
लाभ04:33 – 05:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5607:00दिन
गुरु07:0008:04दिन
मंगल08:0409:08दिन
सूर्य09:0810:12दिन
शुक्र10:1211:16दिन
बुध11:1612:20दिन
चंद्र12:2013:24दिन
शनि13:2414:28दिन
गुरु14:2815:32दिन
मंगल15:3216:36दिन
सूर्य16:3617:40दिन
शुक्र17:4018:44दिन
बुध18:4419:40रात
चंद्र19:4020:36रात
शनि20:3621:32रात
गुरु21:3222:28रात
मंगल22:2823:24रात
सूर्य23:2400:20रात
शुक्र00:2001:17रात
बुध01:1702:13रात
चंद्र02:1303:09रात
शनि03:0904:05रात
गुरु04:0505:01रात
मंगल05:0105:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 अग॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 सित॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 सित॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 सित॰ 2029भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
11 सित॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 सित॰ 2029कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 सित॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2712° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।