28 अगस्त 2029 को दुबई का पंचांग

मंगलवार, 28 अगस्त 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

मंगलवार, 28 अगस्त 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (12:16 तक), नक्षत्र रेवती (14:12 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 15:30 से 17:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:41
रात 05:58 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:16 तक
पंचमी
नक्षत्र
रेवती, 14:12 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अगस्त 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:16 तक
कृष्ण पंचमी 14:42, 29 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 14:12 तक
अश्विनी 17:11, 29 अग॰ तक
योग
गंडअशुभ 18:20 तक
वृद्धि 19:18, 29 अग॰ तक
करण
बालव 12:16 तक
कौलव 01:28, 29 अग॰ तक
तैतिल 14:42, 29 अग॰ तक
चंद्र राशि
मीन 14:12 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
20:57
चंद्रास्त
09:30
दिनमान
12h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 17:06
यमगंड
09:08 – 10:44
गुलिक काल
12:19 – 13:55

28 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:58 – 07:33टालें
उद्वेग07:33 – 09:08टालें
चर09:08 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:19शुभ
अमृत12:19 – 13:55शुभ
काल13:55 – 15:30टालें
शुभ15:30 – 17:06शुभ
रोग17:06 – 18:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:41 – 20:06टालें
लाभ20:06 – 21:30शुभ
उद्वेग21:30 – 22:55टालें
शुभ22:55 – 00:20शुभ
अमृत00:20 – 01:44शुभ
चर01:44 – 03:09सामान्य
रोग03:09 – 04:33टालें
काल04:33 – 05:58टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5807:01दिन
सूर्य07:0108:05दिन
शुक्र08:0509:08दिन
बुध09:0810:12दिन
चंद्र10:1211:16दिन
शनि11:1612:19दिन
गुरु12:1913:23दिन
मंगल13:2314:27दिन
सूर्य14:2715:30दिन
शुक्र15:3016:34दिन
बुध16:3417:38दिन
चंद्र17:3818:41दिन
शनि18:4119:38रात
गुरु19:3820:34रात
मंगल20:3421:30रात
सूर्य21:3022:27रात
शुक्र22:2723:23रात
बुध23:2300:20रात
चंद्र00:2001:16रात
शनि01:1602:12रात
गुरु02:1203:09रात
मंगल03:0904:05रात
सूर्य04:0505:02रात
शुक्र05:0205:58रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 अग॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 सित॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 सित॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 सित॰ 2029भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
11 सित॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 सित॰ 2029कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 सित॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2713° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।