4 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शनिवार, 4 जनवरी 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शनिवार, 4 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (12:31 तक), नक्षत्र शतभिषा (11:53 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 09:01 से 10:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:50
रात 06:05 तक
तिथि
पंचमी, 12:31 तक
षष्ठी
नक्षत्र
शतभिषा, 11:53 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 12:31 तक
शुक्ल षष्ठी 10:45, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 11:53 तक
योग
व्यतीपातअशुभ 22:02 तक
वरीयान 19:20, 5 जन॰ तक
करण
बालव 12:31 तक
कौलव 23:39 तक
तैतिल 10:45, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 05:05, 5 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
09:59
चंद्रास्त
22:15
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
09:01 – 10:29
यमगंड
13:25 – 14:53
गुलिक काल
06:05 – 07:33

4 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:05 – 07:33टालें
शुभ07:33 – 09:01शुभ
रोग09:01 – 10:29टालें
उद्वेग10:29 – 11:57टालें
चर11:57 – 13:25सामान्य
लाभ13:25 – 14:53शुभ
अमृत14:53 – 16:22शुभ
काल16:22 – 17:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:50 – 19:22शुभ
उद्वेग19:22 – 20:54टालें
शुभ20:54 – 22:26शुभ
अमृत22:26 – 23:57शुभ
चर23:57 – 01:29सामान्य
रोग01:29 – 03:01टालें
काल03:01 – 04:33टालें
लाभ04:33 – 06:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0507:04दिन
गुरु07:0408:02दिन
मंगल08:0209:01दिन
सूर्य09:0110:00दिन
शुक्र10:0010:59दिन
बुध10:5911:57दिन
चंद्र11:5712:56दिन
शनि12:5613:55दिन
गुरु13:5514:53दिन
मंगल14:5315:52दिन
सूर्य15:5216:51दिन
शुक्र16:5117:50दिन
बुध17:5018:51रात
चंद्र18:5119:52रात
शनि19:5220:54रात
गुरु20:5421:55रात
मंगल21:5522:56रात
सूर्य22:5623:57रात
शुक्र23:5700:59रात
बुध00:5902:00रात
चंद्र02:0003:01रात
शनि03:0104:03रात
गुरु04:0305:04रात
मंगल05:0406:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
13 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2064° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।