16 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 16 जनवरी 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 16 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (18:36 तक), नक्षत्र मघा (03:15, 17 जन॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 13:30 से 14:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 17:55
रात 06:09 तक
तिथि
तृतीया, 18:36 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
मघा, 03:15 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 18:36 तक
कृष्ण चतुर्थी 20:00, 17 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 03:15, 17 जन॰ तक
योग
आयुष्मान 15:35 तक
सौभाग्य 15:26, 17 जन॰ तक
करण
वणिज 06:09 तक
विष्टि (भद्रा) 18:36 तक
बव 07:13, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
20:27
चंद्रास्त
08:17
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
13:30 – 14:59
यमगंड
06:09 – 07:37
गुलिक काल
09:05 – 10:34

16 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:09 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 09:05टालें
उद्वेग09:05 – 10:34टालें
चर10:34 – 12:02सामान्य
लाभ12:02 – 13:30शुभ
अमृत13:30 – 14:59शुभ
काल14:59 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:55 – 19:27शुभ
चर19:27 – 20:59सामान्य
रोग20:59 – 22:30टालें
काल22:30 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:34शुभ
उद्वेग01:34 – 03:06टालें
शुभ03:06 – 04:37शुभ
अमृत04:37 – 06:09शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0907:08दिन
मंगल07:0808:06दिन
सूर्य08:0609:05दिन
शुक्र09:0510:04दिन
बुध10:0411:03दिन
चंद्र11:0312:02दिन
शनि12:0213:01दिन
गुरु13:0114:00दिन
मंगल14:0014:59दिन
सूर्य14:5915:58दिन
शुक्र15:5816:56दिन
बुध16:5617:55दिन
चंद्र17:5518:56रात
शनि18:5619:58रात
गुरु19:5820:59रात
मंगल20:5922:00रात
सूर्य22:0023:01रात
शुक्र23:0100:02रात
बुध00:0201:03रात
चंद्र01:0302:04रात
शनि02:0403:06रात
गुरु03:0604:07रात
मंगल04:0705:08रात
सूर्य05:0806:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2069° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।