26 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 26 जनवरी 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 26 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (11:25 तक), नक्षत्र मूल (23:32 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 16:31 से 17:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:59
रात 06:10 तक
तिथि
द्वादशी, 11:25 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मूल, 23:32 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 11:25 तक
कृष्ण त्रयोदशी 11:05, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 23:32 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:28, 27 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 18:03 तक
हर्षण 16:27, 27 जन॰ तक
करण
तैतिल 11:25 तक
गर 23:20 तक
वणिज 11:05, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
03:29
चंद्रास्त
15:25
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
16:31 – 17:59
यमगंड
12:05 – 13:33
गुलिक काल
15:02 – 16:31

26 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:10 – 07:39टालें
चर07:39 – 09:08सामान्य
लाभ09:08 – 10:36शुभ
अमृत10:36 – 12:05शुभ
काल12:05 – 13:33टालें
शुभ13:33 – 15:02शुभ
रोग15:02 – 16:31टालें
उद्वेग16:31 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:59 – 19:31शुभ
अमृत19:31 – 21:02शुभ
चर21:02 – 22:33सामान्य
रोग22:33 – 00:05टालें
काल00:05 – 01:36टालें
लाभ01:36 – 03:08शुभ
उद्वेग03:08 – 04:39टालें
शुभ04:39 – 06:10शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1007:09दिन
शुक्र07:0908:08दिन
बुध08:0809:08दिन
चंद्र09:0810:07दिन
शनि10:0711:06दिन
गुरु11:0612:05दिन
मंगल12:0513:04दिन
सूर्य13:0414:03दिन
शुक्र14:0315:02दिन
बुध15:0216:01दिन
चंद्र16:0117:00दिन
शनि17:0017:59दिन
गुरु17:5919:00रात
मंगल19:0020:01रात
सूर्य20:0121:02रात
शुक्र21:0222:03रात
बुध22:0323:04रात
चंद्र23:0400:05रात
शनि00:0501:06रात
गुरु01:0602:07रात
मंगल02:0703:08रात
सूर्य03:0804:09रात
शुक्र04:0905:09रात
बुध05:0906:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 फ़र॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।