27 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

सोमवार, 27 जनवरी 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

सोमवार, 27 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (11:05 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:28 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 07:39 से 09:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 18:00
रात 06:10 तक
तिथि
त्रयोदशी, 11:05 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:28 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 11:05 तक
कृष्ण चतुर्दशी 10:06, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 22:50, 28 जन॰ तक
योग
हर्षण 16:27 तक
वज्रअशुभ 14:21, 28 जन॰ तक
करण
वणिज 11:05 तक
विष्टि (भद्रा) 22:40 तक
शकुनि 10:06, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 05:22, 28 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
04:26
चंद्रास्त
16:24
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
07:39 – 09:08
यमगंड
10:36 – 12:05
गुलिक काल
13:34 – 15:02

27 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:10 – 07:39शुभ
काल07:39 – 09:08टालें
शुभ09:08 – 10:36शुभ
रोग10:36 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:34टालें
चर13:34 – 15:02सामान्य
लाभ15:02 – 16:31शुभ
अमृत16:31 – 18:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:00 – 19:31सामान्य
रोग19:31 – 21:02टालें
काल21:02 – 22:34टालें
लाभ22:34 – 00:05शुभ
उद्वेग00:05 – 01:36टालें
शुभ01:36 – 03:08शुभ
अमृत03:08 – 04:39शुभ
चर04:39 – 06:10सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1007:09दिन
शनि07:0908:09दिन
गुरु08:0909:08दिन
मंगल09:0810:07दिन
सूर्य10:0711:06दिन
शुक्र11:0612:05दिन
बुध12:0513:04दिन
चंद्र13:0414:03दिन
शनि14:0315:02दिन
गुरु15:0216:01दिन
मंगल16:0117:00दिन
सूर्य17:0018:00दिन
शुक्र18:0019:00रात
बुध19:0020:01रात
चंद्र20:0121:02रात
शनि21:0222:03रात
गुरु22:0323:04रात
मंगल23:0400:05रात
सूर्य00:0501:06रात
शुक्र01:0602:07रात
बुध02:0703:08रात
चंद्र03:0804:09रात
शनि04:0905:10रात
गुरु05:1006:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 फ़र॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।