31 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शुक्रवार, 31 जनवरी 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शुक्रवार, 31 जनवरी 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (02:08, 1 फ़र॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (18:44 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 10:37 से 12:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 18:01
रात 06:11 तक
तिथि
तृतीया, 02:08 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
शतभिषा, 18:44 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 02:08, 1 फ़र॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 23:44, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 18:44 तक
पूर्वा भाद्रपद 17:03, 1 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:54, 1 फ़र॰ तक
शिव 23:44, 1 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 15:19 तक
गर 02:08, 1 फ़र॰ तक
वणिज 12:56, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
07:54
चंद्रास्त
20:09
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:37 – 12:06
यमगंड
15:03 – 16:32
गुलिक काल
07:39 – 09:08

31 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:11 – 07:39सामान्य
लाभ07:39 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:37शुभ
काल10:37 – 12:06टालें
शुभ12:06 – 13:34शुभ
रोग13:34 – 15:03टालें
उद्वेग15:03 – 16:32टालें
चर16:32 – 18:01सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:01 – 19:32टालें
काल19:32 – 21:03टालें
लाभ21:03 – 22:34शुभ
उद्वेग22:34 – 00:06टालें
शुभ00:06 – 01:37शुभ
अमृत01:37 – 03:08शुभ
चर03:08 – 04:39सामान्य
रोग04:39 – 06:11टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1107:10दिन
बुध07:1008:09दिन
चंद्र08:0909:08दिन
शनि09:0810:07दिन
गुरु10:0711:06दिन
मंगल11:0612:06दिन
सूर्य12:0613:05दिन
शुक्र13:0514:04दिन
बुध14:0415:03दिन
चंद्र15:0316:02दिन
शनि16:0217:02दिन
गुरु17:0218:01दिन
मंगल18:0119:02रात
सूर्य19:0220:02रात
शुक्र20:0221:03रात
बुध21:0322:04रात
चंद्र22:0423:05रात
शनि23:0500:06रात
गुरु00:0601:06रात
मंगल01:0602:07रात
सूर्य02:0703:08रात
शुक्र03:0804:09रात
बुध04:0905:10रात
चंद्र05:1006:11रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 फ़र॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 फ़र॰ 2025फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2075° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।