5 मार्च 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

बुधवार, 5 मार्च 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

बुधवार, 5 मार्च 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (01:21, 6 मार्च तक), नक्षत्र कृत्तिका (15:38 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 12:04 से 13:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 18:04
रात 06:03 तक
तिथि
सप्तमी, 01:21 तक
अष्टमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 15:38 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 01:21, 6 मार्च तक
शुक्ल अष्टमी 23:49, 6 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:35, 6 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 13:37 तक
विष्कंभअशुभ 10:59, 6 मार्च तक
करण
गर 14:18 तक
वणिज 01:21, 6 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 12:31, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
10:38
चंद्रास्त
23:34
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:28 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:04 – 13:34
यमगंड
07:33 – 09:03
गुलिक काल
10:33 – 12:04

5 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:03 – 07:33शुभ
अमृत07:33 – 09:03शुभ
काल09:03 – 10:33टालें
शुभ10:33 – 12:04शुभ
रोग12:04 – 13:34टालें
उद्वेग13:34 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:34सामान्य
लाभ16:34 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:04 – 19:34टालें
शुभ19:34 – 21:04शुभ
अमृत21:04 – 22:34शुभ
चर22:34 – 00:03सामान्य
रोग00:03 – 01:33टालें
काल01:33 – 03:03टालें
लाभ03:03 – 04:33शुभ
उद्वेग04:33 – 06:03टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0307:03दिन
चंद्र07:0308:03दिन
शनि08:0309:03दिन
गुरु09:0310:03दिन
मंगल10:0311:03दिन
सूर्य11:0312:04दिन
शुक्र12:0413:04दिन
बुध13:0414:04दिन
चंद्र14:0415:04दिन
शनि15:0416:04दिन
गुरु16:0417:04दिन
मंगल17:0418:04दिन
सूर्य18:0419:04रात
शुक्र19:0420:04रात
बुध20:0421:04रात
चंद्र21:0422:04रात
शनि22:0423:03रात
गुरु23:0300:03रात
मंगल00:0301:03रात
सूर्य01:0302:03रात
शुक्र02:0303:03रात
बुध03:0304:03रात
चंद्र04:0305:03रात
शनि05:0306:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 मार्च 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 मार्च 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2087° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।