14 मार्च 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शुक्रवार, 14 मार्च 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शुक्रवार, 14 मार्च 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (05:03, 15 मार्च तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (23:24 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 10:31 से 12:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:03
रात 05:59 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:03 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 23:24 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 05:03, 15 मार्च तक
कृष्ण द्वितीया 07:28, 16 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 02:15, 16 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 04:29, 15 मार्च तक
वृद्धि 05:18, 16 मार्च तक
करण
बालव 15:56 तक
कौलव 05:03, 15 मार्च तक
तैतिल 18:14, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
18:28
चंद्रास्त
06:08
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
10:31 – 12:01
यमगंड
15:02 – 16:33
गुलिक काल
07:30 – 09:00

14 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:59 – 07:30सामान्य
लाभ07:30 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:31शुभ
काल10:31 – 12:01टालें
शुभ12:01 – 13:32शुभ
रोग13:32 – 15:02टालें
उद्वेग15:02 – 16:33टालें
चर16:33 – 18:03सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:03 – 19:33टालें
काल19:33 – 21:02टालें
लाभ21:02 – 22:32शुभ
उद्वेग22:32 – 00:01टालें
शुभ00:01 – 01:30शुभ
अमृत01:30 – 03:00शुभ
चर03:00 – 04:29सामान्य
रोग04:29 – 05:59टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5906:59दिन
बुध06:5908:00दिन
चंद्र08:0009:00दिन
शनि09:0010:00दिन
गुरु10:0011:01दिन
मंगल11:0112:01दिन
सूर्य12:0113:02दिन
शुक्र13:0214:02दिन
बुध14:0215:02दिन
चंद्र15:0216:03दिन
शनि16:0317:03दिन
गुरु17:0318:03दिन
मंगल18:0319:03रात
सूर्य19:0320:03रात
शुक्र20:0321:02रात
बुध21:0222:02रात
चंद्र22:0223:01रात
शनि23:0100:01रात
गुरु00:0101:01रात
मंगल01:0102:00रात
सूर्य02:0003:00रात
शुक्र03:0003:59रात
बुध03:5904:59रात
चंद्र04:5905:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।