14 सितंबर 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 14 सितंबर 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 14 सितंबर 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (17:36 तक), नक्षत्र मृगशिरा (22:01 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 16:21 से 17:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:52
रात 05:43 तक
तिथि
अष्टमी, 17:36 तक
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 22:01 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 17:36 तक
कृष्ण नवमी 16:01, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 21:16, 15 सित॰ तक
योग
सिद्धि 19:25 तक
व्यतीपातअशुभ 17:04, 15 सित॰ तक
करण
बालव 06:32 तक
कौलव 17:36 तक
तैतिल 04:46, 15 सित॰ तक
गर 16:01, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 10:33 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:09
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
16:21 – 17:52
यमगंड
11:47 – 13:19
गुलिक काल
14:50 – 16:21

14 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:43 – 07:14टालें
चर07:14 – 08:45सामान्य
लाभ08:45 – 10:16शुभ
अमृत10:16 – 11:47शुभ
काल11:47 – 13:19टालें
शुभ13:19 – 14:50शुभ
रोग14:50 – 16:21टालें
उद्वेग16:21 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:52 – 19:21शुभ
अमृत19:21 – 20:50शुभ
चर20:50 – 22:19सामान्य
रोग22:19 – 23:47टालें
काल23:47 – 01:16टालें
लाभ01:16 – 02:45शुभ
उद्वेग02:45 – 04:14टालें
शुभ04:14 – 05:43शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4306:44दिन
शुक्र06:4407:44दिन
बुध07:4408:45दिन
चंद्र08:4509:46दिन
शनि09:4610:47दिन
गुरु10:4711:47दिन
मंगल11:4712:48दिन
सूर्य12:4813:49दिन
शुक्र13:4914:50दिन
बुध14:5015:51दिन
चंद्र15:5116:51दिन
शनि16:5117:52दिन
गुरु17:5218:51रात
मंगल18:5119:51रात
सूर्य19:5120:50रात
शुक्र20:5021:49रात
बुध21:4922:48रात
चंद्र22:4823:47रात
शनि23:4700:47रात
गुरु00:4701:46रात
मंगल01:4602:45रात
सूर्य02:4503:44रात
शुक्र03:4404:43रात
बुध04:4305:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।