25 अक्टूबर 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (18:18 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (01:16, 26 अक्टू॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 08:37 से 10:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:34
रात 05:39 तक
तिथि
चतुर्थी, 18:18 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 01:16 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 18:18 तक
शुक्ल पंचमी 20:35, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 01:16, 26 अक्टू॰ तक
मूल 03:57, 27 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 21:15 तक
अतिगंडअशुभ 21:56, 26 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 18:18 तक
बव 07:29, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 01:16, 26 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
08:47
चंद्रास्त
20:42
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
08:37 – 10:07
यमगंड
13:05 – 14:35
गुलिक काल
05:39 – 07:08

25 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:39 – 07:08टालें
शुभ07:08 – 08:37शुभ
रोग08:37 – 10:07टालें
उद्वेग10:07 – 11:36टालें
चर11:36 – 13:05सामान्य
लाभ13:05 – 14:35शुभ
अमृत14:35 – 16:04शुभ
काल16:04 – 17:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:34 – 19:04शुभ
उद्वेग19:04 – 20:35टालें
शुभ20:35 – 22:05शुभ
अमृत22:05 – 23:36शुभ
चर23:36 – 01:07सामान्य
रोग01:07 – 02:37टालें
काल02:37 – 04:08टालें
लाभ04:08 – 05:39शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3906:38दिन
गुरु06:3807:38दिन
मंगल07:3808:37दिन
सूर्य08:3709:37दिन
शुक्र09:3710:37दिन
बुध10:3711:36दिन
चंद्र11:3612:36दिन
शनि12:3613:35दिन
गुरु13:3514:35दिन
मंगल14:3515:34दिन
सूर्य15:3416:34दिन
शुक्र16:3417:34दिन
बुध17:3418:34रात
चंद्र18:3419:34रात
शनि19:3420:35रात
गुरु20:3521:35रात
मंगल21:3522:36रात
सूर्य22:3623:36रात
शुक्र23:3600:37रात
बुध00:3701:37रात
चंद्र01:3702:37रात
शनि02:3703:38रात
गुरु03:3804:38रात
मंगल04:3805:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
1 नव॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
3 नव॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
5 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
8 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 नव॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 नव॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 नव॰ 2025वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 नव॰ 2025मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।