30 दिसंबर 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (19:31 तक), नक्षत्र भरणी (18:28 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 14:51 से 16:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 17:47
रात 06:03 तक
तिथि
एकादशी, 19:31 तक
द्वादशी
नक्षत्र
भरणी, 18:28 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 19:31 तक
शुक्ल द्वादशी 16:18, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
भरणी 18:28 तक
कृत्तिका 16:00, 31 दिस॰ तक
योग
सिद्ध 15:32 तक
साध्य 11:43, 31 दिस॰ तक
करण
वणिज 08:59 तक
विष्टि (भद्रा) 19:31 तक
बव 05:56, 31 दिस॰ तक
बालव 16:18, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मेष 23:53 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
14:01
चंद्रास्त
01:53
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
14:51 – 16:19
यमगंड
08:59 – 10:27
गुलिक काल
11:55 – 13:23

30 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:03 – 07:31टालें
उद्वेग07:31 – 08:59टालें
चर08:59 – 10:27सामान्य
लाभ10:27 – 11:55शुभ
अमृत11:55 – 13:23शुभ
काल13:23 – 14:51टालें
शुभ14:51 – 16:19शुभ
रोग16:19 – 17:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:47 – 19:19टालें
लाभ19:19 – 20:51शुभ
उद्वेग20:51 – 22:23टालें
शुभ22:23 – 23:55शुभ
अमृत23:55 – 01:27शुभ
चर01:27 – 02:59सामान्य
रोग02:59 – 04:31टालें
काल04:31 – 06:03टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0307:01दिन
सूर्य07:0108:00दिन
शुक्र08:0008:59दिन
बुध08:5909:57दिन
चंद्र09:5710:56दिन
शनि10:5611:55दिन
गुरु11:5512:54दिन
मंगल12:5413:52दिन
सूर्य13:5214:51दिन
शुक्र14:5115:50दिन
बुध15:5016:48दिन
चंद्र16:4817:47दिन
शनि17:4718:48रात
गुरु18:4819:50रात
मंगल19:5020:51रात
सूर्य20:5121:52रात
शुक्र21:5222:54रात
बुध22:5423:55रात
चंद्र23:5500:56रात
शनि00:5601:58रात
गुरु01:5802:59रात
मंगल02:5904:00रात
सूर्य04:0005:02रात
शुक्र05:0206:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 जन॰ 2026पौष पूर्णिमापूर्णिमा
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।