15 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 15 जनवरी 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (10:47 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (20:17 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 13:30 से 14:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:55
रात 06:09 तक
तिथि
द्वादशी, 10:47 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 20:17 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 10:47 तक
कृष्ण त्रयोदशी 12:52, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 22:42, 16 जन॰ तक
योग
वृद्धि 11:08 तक
ध्रुव 11:36, 16 जन॰ तक
करण
तैतिल 10:47 तक
गर 23:52 तक
वणिज 12:52, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
03:24
चंद्रास्त
15:19
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
13:30 – 14:58
यमगंड
06:08 – 07:37
गुलिक काल
09:05 – 10:33

15 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:08 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 09:05टालें
उद्वेग09:05 – 10:33टालें
चर10:33 – 12:02सामान्य
लाभ12:02 – 13:30शुभ
अमृत13:30 – 14:58शुभ
काल14:58 – 16:26टालें
शुभ16:26 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:55 – 19:27शुभ
चर19:27 – 20:58सामान्य
रोग20:58 – 22:30टालें
काल22:30 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:33शुभ
उद्वेग01:33 – 03:05टालें
शुभ03:05 – 04:37शुभ
अमृत04:37 – 06:09शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0807:07दिन
मंगल07:0708:06दिन
सूर्य08:0609:05दिन
शुक्र09:0510:04दिन
बुध10:0411:03दिन
चंद्र11:0312:02दिन
शनि12:0213:00दिन
गुरु13:0013:59दिन
मंगल13:5914:58दिन
सूर्य14:5815:57दिन
शुक्र15:5716:56दिन
बुध16:5617:55दिन
चंद्र17:5518:56रात
शनि18:5619:57रात
गुरु19:5720:58रात
मंगल20:5821:59रात
सूर्य21:5923:01रात
शुक्र23:0100:02रात
बुध00:0201:03रात
चंद्र01:0302:04रात
शनि02:0403:05रात
गुरु03:0504:06रात
मंगल04:0605:08रात
सूर्य05:0806:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।