24 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शनिवार, 24 जनवरी 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शनिवार, 24 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (15:10 तक), नक्षत्र रेवती (04:05, 25 जन॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 09:07 से 10:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:58
रात 06:10 तक
तिथि
षष्ठी, 15:10 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती, 04:05 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 15:10 तक
शुक्ल सप्तमी 13:40, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 04:05, 25 जन॰ तक
अश्विनी 03:03, 26 जन॰ तक
योग
सिद्ध 02:15, 25 जन॰ तक
साध्य 23:41, 25 जन॰ तक
करण
तैतिल 15:10 तक
गर 02:28, 25 जन॰ तक
वणिज 13:40, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 04:05, 25 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
10:20
चंद्रास्त
22:52
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
09:07 – 10:36
यमगंड
13:33 – 15:01
गुलिक काल
06:10 – 07:39

24 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:10 – 07:39टालें
शुभ07:39 – 09:07शुभ
रोग09:07 – 10:36टालें
उद्वेग10:36 – 12:04टालें
चर12:04 – 13:33सामान्य
लाभ13:33 – 15:01शुभ
अमृत15:01 – 16:30शुभ
काल16:30 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:58 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 21:01टालें
शुभ21:01 – 22:33शुभ
अमृत22:33 – 00:04शुभ
चर00:04 – 01:36सामान्य
रोग01:36 – 03:07टालें
काल03:07 – 04:39टालें
लाभ04:39 – 06:10शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1007:09दिन
गुरु07:0908:08दिन
मंगल08:0809:07दिन
सूर्य09:0710:06दिन
शुक्र10:0611:05दिन
बुध11:0512:04दिन
चंद्र12:0413:03दिन
शनि13:0314:02दिन
गुरु14:0215:01दिन
मंगल15:0116:00दिन
सूर्य16:0016:59दिन
शुक्र16:5917:58दिन
बुध17:5818:59रात
चंद्र18:5920:00रात
शनि20:0021:01रात
गुरु21:0122:02रात
मंगल22:0223:03रात
सूर्य23:0300:04रात
शुक्र00:0401:05रात
बुध01:0502:06रात
चंद्र02:0603:07रात
शनि03:0704:08रात
गुरु04:0805:09रात
मंगल05:0906:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
20 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2212° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।