27 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

मंगलवार, 27 जनवरी 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (09:35 तक), नक्षत्र कृत्तिका (23:57 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 15:02 से 16:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:59
रात 06:10 तक
तिथि
नवमी, 09:35 तक
दशमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 23:57 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 09:35 तक
शुक्ल दशमी 07:06, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 22:01, 28 जन॰ तक
योग
शुक्ल 17:43 तक
ब्रह्म 14:24, 28 जन॰ तक
करण
कौलव 09:35 तक
तैतिल 20:23 तक
गर 07:06, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 07:15 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
12:48
चंद्रास्त
00:43
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
15:02 – 16:31
यमगंड
09:08 – 10:36
गुलिक काल
12:05 – 13:34

27 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:10 – 07:39टालें
उद्वेग07:39 – 09:08टालें
चर09:08 – 10:36सामान्य
लाभ10:36 – 12:05शुभ
अमृत12:05 – 13:34शुभ
काल13:34 – 15:02टालें
शुभ15:02 – 16:31शुभ
रोग16:31 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:59 – 19:31टालें
लाभ19:31 – 21:02शुभ
उद्वेग21:02 – 22:34टालें
शुभ22:34 – 00:05शुभ
अमृत00:05 – 01:36शुभ
चर01:36 – 03:08सामान्य
रोग03:08 – 04:39टालें
काल04:39 – 06:10टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1007:09दिन
सूर्य07:0908:09दिन
शुक्र08:0909:08दिन
बुध09:0810:07दिन
चंद्र10:0711:06दिन
शनि11:0612:05दिन
गुरु12:0513:04दिन
मंगल13:0414:03दिन
सूर्य14:0315:02दिन
शुक्र15:0216:01दिन
बुध16:0117:00दिन
चंद्र17:0017:59दिन
शनि17:5919:00रात
गुरु19:0020:01रात
मंगल20:0121:02रात
सूर्य21:0222:03रात
शुक्र22:0323:04रात
बुध23:0400:05रात
चंद्र00:0501:06रात
शनि01:0602:07रात
गुरु02:0703:08रात
मंगल03:0804:09रात
सूर्य04:0905:10रात
शुक्र05:1006:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
20 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2213° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।