27 फ़रवरी 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (13:03 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (00:05, 28 फ़र॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 10:35 से 12:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:04
रात 06:05 तक
तिथि
एकादशी, 13:03 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 00:05 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 13:03 तक
शुक्ल द्वादशी 11:13, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 00:05, 28 फ़र॰ तक
पुष्य 23:04, 28 फ़र॰ तक
योग
आयुष्मान 10:13 तक
सौभाग्य 07:32, 28 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:03 तक
बव 00:06, 28 फ़र॰ तक
बालव 11:13, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 18:22 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
14:48
चंद्रास्त
02:44
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:35 – 12:05
यमगंड
15:05 – 16:34
गुलिक काल
07:35 – 09:05

27 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:05 – 07:35सामान्य
लाभ07:35 – 09:05शुभ
अमृत09:05 – 10:35शुभ
काल10:35 – 12:05टालें
शुभ12:05 – 13:35शुभ
रोग13:35 – 15:05टालें
उद्वेग15:05 – 16:34टालें
चर16:34 – 18:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:04 – 19:34टालें
काल19:34 – 21:04टालें
लाभ21:04 – 22:35शुभ
उद्वेग22:35 – 00:05टालें
शुभ00:05 – 01:35शुभ
अमृत01:35 – 03:05शुभ
चर03:05 – 04:35सामान्य
रोग04:35 – 06:05टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0507:05दिन
बुध07:0508:05दिन
चंद्र08:0509:05दिन
शनि09:0510:05दिन
गुरु10:0511:05दिन
मंगल11:0512:05दिन
सूर्य12:0513:05दिन
शुक्र13:0514:05दिन
बुध14:0515:05दिन
चंद्र15:0516:04दिन
शनि16:0417:04दिन
गुरु17:0418:04दिन
मंगल18:0419:04रात
सूर्य19:0420:04रात
शुक्र20:0421:04रात
बुध21:0422:04रात
चंद्र22:0423:05रात
शनि23:0500:05रात
गुरु00:0501:05रात
मंगल01:0502:05रात
सूर्य02:0503:05रात
शुक्र03:0504:05रात
बुध04:0505:05रात
चंद्र05:0506:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2225° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।