14 सितंबर 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

सोमवार, 14 सितंबर 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

सोमवार, 14 सितंबर 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (22:14 तक), नक्षत्र स्वाति (05:51, 15 सित॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 07:14 से 08:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:52
रात 05:43 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:14 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 22:14 तक
शुक्ल पंचमी 23:29, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 05:51, 15 सित॰ तक
योग
इंद्र 02:50, 15 सित॰ तक
वैधृतिअशुभ 02:52, 16 सित॰ तक
करण
वणिज 09:51 तक
विष्टि (भद्रा) 22:14 तक
बव 10:47, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
08:23
चंद्रास्त
20:27
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
07:14 – 08:45
यमगंड
10:16 – 11:48
गुलिक काल
13:19 – 14:50

14 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:43 – 07:14शुभ
काल07:14 – 08:45टालें
शुभ08:45 – 10:16शुभ
रोग10:16 – 11:48टालें
उद्वेग11:48 – 13:19टालें
चर13:19 – 14:50सामान्य
लाभ14:50 – 16:21शुभ
अमृत16:21 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:52 – 19:21सामान्य
रोग19:21 – 20:50टालें
काल20:50 – 22:19टालें
लाभ22:19 – 23:48शुभ
उद्वेग23:48 – 01:16टालें
शुभ01:16 – 02:45शुभ
अमृत02:45 – 04:14शुभ
चर04:14 – 05:43सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4306:44दिन
शनि06:4407:44दिन
गुरु07:4408:45दिन
मंगल08:4509:46दिन
सूर्य09:4610:47दिन
शुक्र10:4711:48दिन
बुध11:4812:48दिन
चंद्र12:4813:49दिन
शनि13:4914:50दिन
गुरु14:5015:51दिन
मंगल15:5116:52दिन
सूर्य16:5217:52दिन
शुक्र17:5218:52रात
बुध18:5219:51रात
चंद्र19:5120:50रात
शनि20:5021:49रात
गुरु21:4922:48रात
मंगल22:4823:48रात
सूर्य23:4800:47रात
शुक्र00:4701:46रात
बुध01:4602:45रात
चंद्र02:4503:44रात
शनि03:4404:43रात
गुरु04:4305:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 सित॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 सित॰ 2026कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
22 सित॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
24 सित॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
26 सित॰ 2026भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
29 सित॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
6 अक्टू॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अक्टू॰ 2026आश्विन अमावस्याअमावस्या

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2301° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।