15 जनवरी 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (04:13, 16 जन॰ तक), नक्षत्र रेवती (14:21 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 10:33 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:55
रात 06:09 तक
तिथि
अष्टमी, 04:13 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती, 14:21 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 04:13, 16 जन॰ तक
शुक्ल नवमी 02:57, 17 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 14:21 तक
अश्विनी 14:08, 16 जन॰ तक
योग
शिव 06:48 तक
सिद्ध 05:08, 16 जन॰ तक
साध्य 02:53, 17 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:34 तक
बव 04:13, 16 जन॰ तक
बालव 15:40, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 14:21 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
11:23
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
10:33 – 12:02
यमगंड
14:58 – 16:26
गुलिक काल
07:37 – 09:05

15 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:08 – 07:37सामान्य
लाभ07:37 – 09:05शुभ
अमृत09:05 – 10:33शुभ
काल10:33 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:30शुभ
रोग13:30 – 14:58टालें
उद्वेग14:58 – 16:26टालें
चर16:26 – 17:55सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:55 – 19:26टालें
काल19:26 – 20:58टालें
लाभ20:58 – 22:30शुभ
उद्वेग22:30 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:33शुभ
अमृत01:33 – 03:05शुभ
चर03:05 – 04:37सामान्य
रोग04:37 – 06:09टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0807:07दिन
बुध07:0708:06दिन
चंद्र08:0609:05दिन
शनि09:0510:04दिन
गुरु10:0411:03दिन
मंगल11:0312:02दिन
सूर्य12:0213:00दिन
शुक्र13:0013:59दिन
बुध13:5914:58दिन
चंद्र14:5815:57दिन
शनि15:5716:56दिन
गुरु16:5617:55दिन
मंगल17:5518:56रात
सूर्य18:5619:57रात
शुक्र19:5720:58रात
बुध20:5821:59रात
चंद्र21:5923:00रात
शनि23:0000:02रात
गुरु00:0201:03रात
मंगल01:0302:04रात
सूर्य02:0403:05रात
शुक्र03:0504:06रात
बुध04:0605:07रात
चंद्र05:0706:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2348° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।