11 मार्च 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 11 मार्च 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 11 मार्च 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (06:07 तक), नक्षत्र अश्विनी (01:52, 12 मार्च तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 13:33 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:04
रात 06:00 तक
तिथि
चतुर्थी, 05:27 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 01:52 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 06:07 तक
शुक्ल चतुर्थी 05:27, 12 मार्च तक
शुक्ल पंचमी 04:25, 13 मार्च तक
नक्षत्र
अश्विनी 01:52, 12 मार्च तक
भरणी 01:33, 13 मार्च तक
योग
ब्रह्म 13:52 तक
इंद्र 12:04, 12 मार्च तक
करण
गर 06:07 तक
वणिज 17:50 तक
विष्टि (भद्रा) 05:27, 12 मार्च तक
बव 16:59, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
08:05
चंद्रास्त
20:45
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
13:33 – 15:03
यमगंड
06:01 – 07:31
गुलिक काल
09:01 – 10:32

11 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:01 – 07:31शुभ
रोग07:31 – 09:01टालें
उद्वेग09:01 – 10:32टालें
चर10:32 – 12:02सामान्य
लाभ12:02 – 13:33शुभ
अमृत13:33 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:33टालें
शुभ16:33 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:04 – 19:33शुभ
चर19:33 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:32टालें
काल22:32 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:32शुभ
उद्वेग01:32 – 03:01टालें
शुभ03:01 – 04:31शुभ
अमृत04:31 – 06:00शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0107:01दिन
मंगल07:0108:01दिन
सूर्य08:0109:01दिन
शुक्र09:0110:02दिन
बुध10:0211:02दिन
चंद्र11:0212:02दिन
शनि12:0213:02दिन
गुरु13:0214:03दिन
मंगल14:0315:03दिन
सूर्य15:0316:03दिन
शुक्र16:0317:03दिन
बुध17:0318:04दिन
चंद्र18:0419:03रात
शनि19:0320:03रात
गुरु20:0321:03रात
मंगल21:0322:03रात
सूर्य22:0323:02रात
शुक्र23:0200:02रात
बुध00:0201:02रात
चंद्र01:0202:01रात
शनि02:0103:01रात
गुरु03:0104:01रात
मंगल04:0105:00रात
सूर्य05:0006:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 मार्च 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 मार्च 2027मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 मार्च 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 मार्च 2027फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
25 मार्च 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2369° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।