11 अप्रैल 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 11 अप्रैल 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 11 अप्रैल 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (12:10 तक), नक्षत्र मृगशिरा (04:04, 12 अप्रैल तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 16:29 से 18:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 18:01
रात 05:45 तक
तिथि
पंचमी, 12:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मृगशिरा, 04:04 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 12:10 तक
शुक्ल षष्ठी 10:05, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
मृगशिरा 04:04, 12 अप्रैल तक
आर्द्रा 02:43, 13 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 10:07 तक
शोभन 07:18, 12 अप्रैल तक
करण
बालव 12:10 तक
कौलव 23:08 तक
तैतिल 10:05, 12 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 16:44 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
09:36
चंद्रास्त
22:35
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
16:29 – 18:01
यमगंड
11:53 – 13:25
गुलिक काल
14:57 – 16:29

11 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:46 – 07:18टालें
चर07:18 – 08:50सामान्य
लाभ08:50 – 10:21शुभ
अमृत10:21 – 11:53शुभ
काल11:53 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 14:57शुभ
रोग14:57 – 16:29टालें
उद्वेग16:29 – 18:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:01 – 19:29शुभ
अमृत19:29 – 20:57शुभ
चर20:57 – 22:25सामान्य
रोग22:25 – 23:53टालें
काल23:53 – 01:21टालें
लाभ01:21 – 02:49शुभ
उद्वेग02:49 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:45शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4606:47दिन
शुक्र06:4707:48दिन
बुध07:4808:50दिन
चंद्र08:5009:51दिन
शनि09:5110:52दिन
गुरु10:5211:53दिन
मंगल11:5312:54दिन
सूर्य12:5413:56दिन
शुक्र13:5614:57दिन
बुध14:5715:58दिन
चंद्र15:5816:59दिन
शनि16:5918:01दिन
गुरु18:0118:59रात
मंगल18:5919:58रात
सूर्य19:5820:57रात
शुक्र20:5721:56रात
बुध21:5622:54रात
चंद्र22:5423:53रात
शनि23:5300:52रात
गुरु00:5201:50रात
मंगल01:5002:49रात
सूर्य02:4903:48रात
शुक्र03:4804:47रात
बुध04:4705:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या
9 मई 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2381° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।