6 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

सोमवार, 6 सितंबर 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

सोमवार, 6 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (01:58, 7 सित॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (06:46, 7 सित॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 07:16 से 08:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:57
रात 05:44 तक
तिथि
सप्तमी, 01:58 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 01:58, 7 सित॰ तक
शुक्ल अष्टमी 03:14, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 06:46, 7 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:18 तक
विष्कंभअशुभ 18:06, 7 सित॰ तक
करण
गर 13:37 तक
वणिज 01:58, 7 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:31, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
10:52
चंद्रास्त
22:51
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
07:16 – 08:47
यमगंड
10:19 – 11:50
गुलिक काल
13:22 – 14:54

6 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:44 – 07:16शुभ
काल07:16 – 08:47टालें
शुभ08:47 – 10:19शुभ
रोग10:19 – 11:50टालें
उद्वेग11:50 – 13:22टालें
चर13:22 – 14:54सामान्य
लाभ14:54 – 16:25शुभ
अमृत16:25 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:57 – 19:25सामान्य
रोग19:25 – 20:54टालें
काल20:54 – 22:22टालें
लाभ22:22 – 23:50शुभ
उद्वेग23:50 – 01:19टालें
शुभ01:19 – 02:47शुभ
अमृत02:47 – 04:16शुभ
चर04:16 – 05:44सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4406:45दिन
शनि06:4507:46दिन
गुरु07:4608:47दिन
मंगल08:4709:48दिन
सूर्य09:4810:49दिन
शुक्र10:4911:50दिन
बुध11:5012:52दिन
चंद्र12:5213:53दिन
शनि13:5314:54दिन
गुरु14:5415:55दिन
मंगल15:5516:56दिन
सूर्य16:5617:57दिन
शुक्र17:5718:56रात
बुध18:5619:55रात
चंद्र19:5520:54रात
शनि20:5421:53रात
गुरु21:5322:51रात
मंगल22:5123:50रात
सूर्य23:5000:49रात
शुक्र00:4901:48रात
बुध01:4802:47रात
चंद्र02:4703:46रात
शनि03:4604:45रात
गुरु04:4505:44रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 सित॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 सित॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 सित॰ 2027भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
17 सित॰ 2027कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2437° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।