12 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 12 सितंबर 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 12 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (12:43 तक), नक्षत्र श्रवण (20:35 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 16:22 से 17:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:54
रात 05:43 तक
तिथि
द्वादशी, 12:43 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण, 20:35 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 12:43 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:10, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 20:35 तक
धनिष्ठा 23:29, 13 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 22:15 तक
सुकर्मा 23:06, 13 सित॰ तक
करण
बालव 12:43 तक
कौलव 01:58, 13 सित॰ तक
तैतिल 15:10, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
15:44
चंद्रास्त
03:04
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
16:22 – 17:54
यमगंड
11:48 – 13:20
गुलिक काल
14:51 – 16:22

12 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:43 – 07:14टालें
चर07:14 – 08:46सामान्य
लाभ08:46 – 10:17शुभ
अमृत10:17 – 11:48शुभ
काल11:48 – 13:20टालें
शुभ13:20 – 14:51शुभ
रोग14:51 – 16:22टालें
उद्वेग16:22 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:54 – 19:22शुभ
अमृत19:22 – 20:51शुभ
चर20:51 – 22:20सामान्य
रोग22:20 – 23:48टालें
काल23:48 – 01:17टालें
लाभ01:17 – 02:46शुभ
उद्वेग02:46 – 04:14टालें
शुभ04:14 – 05:43शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4306:44दिन
शुक्र06:4407:45दिन
बुध07:4508:46दिन
चंद्र08:4609:47दिन
शनि09:4710:48दिन
गुरु10:4811:48दिन
मंगल11:4812:49दिन
सूर्य12:4913:50दिन
शुक्र13:5014:51दिन
बुध14:5115:52दिन
चंद्र15:5216:53दिन
शनि16:5317:54दिन
गुरु17:5418:53रात
मंगल18:5319:52रात
सूर्य19:5220:51रात
शुक्र20:5121:50रात
बुध21:5022:49रात
चंद्र22:4923:48रात
शनि23:4800:47रात
गुरु00:4701:47रात
मंगल01:4702:46रात
सूर्य02:4603:45रात
शुक्र03:4504:44रात
बुध04:4405:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 सित॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 सित॰ 2027भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
17 सित॰ 2027कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2440° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।