14 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

मंगलवार, 14 सितंबर 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

मंगलवार, 14 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (17:18 तक), नक्षत्र शतभिषा (02:03, 15 सित॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 14:50 से 16:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:53
रात 05:43 तक
तिथि
चतुर्दशी, 17:18 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
शतभिषा, 02:03 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 17:18 तक
पूर्णिमा 19:03, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 02:03, 15 सित॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 04:14, 16 सित॰ तक
योग
धृति 23:42 तक
शूलअशुभ 00:00, 16 सित॰ तक
करण
वणिज 17:18 तक
विष्टि (भद्रा) 06:14, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
17:02
चंद्रास्त
04:34
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
14:50 – 16:21
यमगंड
08:45 – 10:16
गुलिक काल
11:48 – 13:19

14 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:43 – 07:14टालें
उद्वेग07:14 – 08:45टालें
चर08:45 – 10:16सामान्य
लाभ10:16 – 11:48शुभ
अमृत11:48 – 13:19शुभ
काल13:19 – 14:50टालें
शुभ14:50 – 16:21शुभ
रोग16:21 – 17:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:53 – 19:21टालें
लाभ19:21 – 20:50शुभ
उद्वेग20:50 – 22:19टालें
शुभ22:19 – 23:48शुभ
अमृत23:48 – 01:16शुभ
चर01:16 – 02:45सामान्य
रोग02:45 – 04:14टालें
काल04:14 – 05:43टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4306:44दिन
सूर्य06:4407:44दिन
शुक्र07:4408:45दिन
बुध08:4509:46दिन
चंद्र09:4610:47दिन
शनि10:4711:48दिन
गुरु11:4812:48दिन
मंगल12:4813:49दिन
सूर्य13:4914:50दिन
शुक्र14:5015:51दिन
बुध15:5116:52दिन
चंद्र16:5217:53दिन
शनि17:5318:52रात
गुरु18:5219:51रात
मंगल19:5120:50रात
सूर्य20:5021:49रात
शुक्र21:4922:48रात
बुध22:4823:48रात
चंद्र23:4800:47रात
शनि00:4701:46रात
गुरु01:4602:45रात
मंगल02:4503:44रात
सूर्य03:4404:43रात
शुक्र04:4305:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
15 सित॰ 2027भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
17 सित॰ 2027कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2440° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।