28 दिसंबर 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

मंगलवार, 28 दिसंबर 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

मंगलवार, 28 दिसंबर 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (17:58 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (21:55 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 14:50 से 16:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 17:46
रात 06:02 तक
तिथि
प्रतिपदा, 17:58 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 21:55 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 17:58 तक
शुक्ल द्वितीया 20:10, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 00:37, 30 दिस॰ तक
योग
ध्रुव 22:48 तक
व्याघातअशुभ 23:24, 29 दिस॰ तक
करण
बव 17:58 तक
बालव 07:01, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
धनु 04:33, 29 दिस॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
06:36
चंद्रास्त
18:35
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
14:50 – 16:18
यमगंड
08:58 – 10:26
गुलिक काल
11:54 – 13:22

28 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:02 – 07:30टालें
उद्वेग07:30 – 08:58टालें
चर08:58 – 10:26सामान्य
लाभ10:26 – 11:54शुभ
अमृत11:54 – 13:22शुभ
काल13:22 – 14:50टालें
शुभ14:50 – 16:18शुभ
रोग16:18 – 17:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:46 – 19:18टालें
लाभ19:18 – 20:50शुभ
उद्वेग20:50 – 22:22टालें
शुभ22:22 – 23:54शुभ
अमृत23:54 – 01:26शुभ
चर01:26 – 02:58सामान्य
रोग02:58 – 04:30टालें
काल04:30 – 06:02टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0207:00दिन
सूर्य07:0007:59दिन
शुक्र07:5908:58दिन
बुध08:5809:56दिन
चंद्र09:5610:55दिन
शनि10:5511:54दिन
गुरु11:5412:52दिन
मंगल12:5213:51दिन
सूर्य13:5114:50दिन
शुक्र14:5015:48दिन
बुध15:4816:47दिन
चंद्र16:4717:46दिन
शनि17:4618:47रात
गुरु18:4719:48रात
मंगल19:4820:50रात
सूर्य20:5021:51रात
शुक्र21:5122:52रात
बुध22:5223:54रात
चंद्र23:5400:55रात
शनि00:5501:57रात
गुरु01:5702:58रात
मंगल02:5803:59रात
सूर्य03:5905:01रात
शुक्र05:0106:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
31 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
11 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2480° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।