29 मार्च 2028 को जॉर्जटाउन का पंचांग

बुधवार, 29 मार्च 2028, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

बुधवार, 29 मार्च 2028 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (05:00, 30 मार्च तक), नक्षत्र भरणी (15:21 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 11:57 से 13:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:02
रात 05:51 तक
तिथि
चतुर्थी, 05:00 तक
नक्षत्र
भरणी, 15:21 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 05:00, 30 मार्च तक
शुक्ल पंचमी 05:05, 31 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 15:21 तक
कृत्तिका 16:18, 30 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 17:37 तक
प्रीति 16:46, 30 मार्च तक
करण
वणिज 16:47 तक
विष्टि (भद्रा) 05:00, 30 मार्च तक
बव 17:06, 30 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 21:37 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
08:05
चंद्रास्त
20:53
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:57 – 13:28
यमगंड
07:23 – 08:54
गुलिक काल
10:25 – 11:57

29 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:52 – 07:23शुभ
अमृत07:23 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:25टालें
शुभ10:25 – 11:57शुभ
रोग11:57 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 14:59टालें
चर14:59 – 16:31सामान्य
लाभ16:31 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:02 – 19:30टालें
शुभ19:30 – 20:59शुभ
अमृत20:59 – 22:28शुभ
चर22:28 – 23:56सामान्य
रोग23:56 – 01:25टालें
काल01:25 – 02:54टालें
लाभ02:54 – 04:22शुभ
उद्वेग04:22 – 05:51टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5206:52दिन
चंद्र06:5207:53दिन
शनि07:5308:54दिन
गुरु08:5409:55दिन
मंगल09:5510:56दिन
सूर्य10:5611:57दिन
शुक्र11:5712:58दिन
बुध12:5813:58दिन
चंद्र13:5814:59दिन
शनि14:5916:00दिन
गुरु16:0017:01दिन
मंगल17:0118:02दिन
सूर्य18:0219:01रात
शुक्र19:0120:00रात
बुध20:0020:59रात
चंद्र20:5921:58रात
शनि21:5822:57रात
गुरु22:5723:56रात
मंगल23:5600:56रात
सूर्य00:5601:55रात
शुक्र01:5502:54रात
बुध02:5403:53रात
चंद्र03:5304:52रात
शनि04:5205:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2516° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।