31 अगस्त 2028 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 31 अगस्त 2028, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 31 अगस्त 2028 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (13:01 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (15:54 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 13:24 से 14:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 17:59
रात 05:45 तक
तिथि
द्वादशी, 13:01 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 15:54 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 13:01 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:05, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:33, 1 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 13:27 तक
शोभन 14:05, 1 सित॰ तक
करण
बालव 13:01 तक
कौलव 02:01, 1 सित॰ तक
तैतिल 15:05, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
15:44
चंद्रास्त
03:01
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
13:24 – 14:56
यमगंड
05:45 – 07:17
गुलिक काल
08:49 – 10:20

31 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:17शुभ
रोग07:17 – 08:49टालें
उद्वेग08:49 – 10:20टालें
चर10:20 – 11:52सामान्य
लाभ11:52 – 13:24शुभ
अमृत13:24 – 14:56शुभ
काल14:56 – 16:28टालें
शुभ16:28 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:59 – 19:28शुभ
चर19:28 – 20:56सामान्य
रोग20:56 – 22:24टालें
काल22:24 – 23:52टालें
लाभ23:52 – 01:20शुभ
उद्वेग01:20 – 02:48टालें
शुभ02:48 – 04:17शुभ
अमृत04:17 – 05:45शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:46दिन
मंगल06:4607:47दिन
सूर्य07:4708:49दिन
शुक्र08:4909:50दिन
बुध09:5010:51दिन
चंद्र10:5111:52दिन
शनि11:5212:53दिन
गुरु12:5313:55दिन
मंगल13:5514:56दिन
सूर्य14:5615:57दिन
शुक्र15:5716:58दिन
बुध16:5817:59दिन
चंद्र17:5918:58रात
शनि18:5819:57रात
गुरु19:5720:56रात
मंगल20:5621:55रात
सूर्य21:5522:53रात
शुक्र22:5323:52रात
बुध23:5200:51रात
चंद्र00:5101:50रात
शनि01:5002:48रात
गुरु02:4803:47रात
मंगल03:4704:46रात
सूर्य04:4605:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
7 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2575° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।