17 सितंबर 2028 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 17 सितंबर 2028, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 17 सितंबर 2028 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (18:17 तक), नक्षत्र मघा (08:55 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 16:19 से 17:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 17:50
रात 05:42 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:17 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मघा, 08:55 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 18:17 तक
अमावस्या 14:23, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 08:55 तक
पूर्वा फाल्गुनी 05:53, 18 सित॰ तक
योग
साध्य 22:23 तक
शुभ 18:02, 18 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:10 तक
शकुनि 18:17 तक
चतुष्पद 04:21, 18 सित॰ तक
नाग 14:23, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
04:24
चंद्रास्त
16:54
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
16:19 – 17:50
यमगंड
11:46 – 13:17
गुलिक काल
14:48 – 16:19

17 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:42 – 07:13टालें
चर07:13 – 08:44सामान्य
लाभ08:44 – 10:15शुभ
अमृत10:15 – 11:46शुभ
काल11:46 – 13:17टालें
शुभ13:17 – 14:48शुभ
रोग14:48 – 16:19टालें
उद्वेग16:19 – 17:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:50 – 19:19शुभ
अमृत19:19 – 20:48शुभ
चर20:48 – 22:17सामान्य
रोग22:17 – 23:46टालें
काल23:46 – 01:15टालें
लाभ01:15 – 02:44शुभ
उद्वेग02:44 – 04:13टालें
शुभ04:13 – 05:42शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4206:43दिन
शुक्र06:4307:44दिन
बुध07:4408:44दिन
चंद्र08:4409:45दिन
शनि09:4510:46दिन
गुरु10:4611:46दिन
मंगल11:4612:47दिन
सूर्य12:4713:48दिन
शुक्र13:4814:48दिन
बुध14:4815:49दिन
चंद्र15:4916:50दिन
शनि16:5017:50दिन
गुरु17:5018:50रात
मंगल18:5019:49रात
सूर्य19:4920:48रात
शुक्र20:4821:48रात
बुध21:4822:47रात
चंद्र22:4723:46रात
शनि23:4600:46रात
गुरु00:4601:45रात
मंगल01:4502:44रात
सूर्य02:4403:43रात
शुक्र03:4304:43रात
बुध04:4305:42रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2581° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।