27 सितंबर 2028 को जॉर्जटाउन का पंचांग

बुधवार, 27 सितंबर 2028, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

बुधवार, 27 सितंबर 2028 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (00:25, 28 सित॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (21:48 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 11:43 से 13:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 17:45
रात 05:40 तक
तिथि
दशमी, 00:25 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 21:48 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल दशमी 00:25, 28 सित॰ तक
शुक्ल एकादशी 02:37, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 00:30, 29 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:34 तक
सुकर्मा 20:13, 28 सित॰ तक
करण
तैतिल 11:28 तक
गर 00:25, 28 सित॰ तक
वणिज 13:29, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
13:43
चंद्रास्त
00:57
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:07 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:43 – 13:13
यमगंड
07:11 – 08:42
गुलिक काल
10:12 – 11:43

27 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:41 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:42शुभ
काल08:42 – 10:12टालें
शुभ10:12 – 11:43शुभ
रोग11:43 – 13:13टालें
उद्वेग13:13 – 14:44टालें
चर14:44 – 16:15सामान्य
लाभ16:15 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:45 – 19:15टालें
शुभ19:15 – 20:44शुभ
अमृत20:44 – 22:13शुभ
चर22:13 – 23:43सामान्य
रोग23:43 – 01:12टालें
काल01:12 – 02:42टालें
लाभ02:42 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:40टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4106:41दिन
चंद्र06:4107:41दिन
शनि07:4108:42दिन
गुरु08:4209:42दिन
मंगल09:4210:42दिन
सूर्य10:4211:43दिन
शुक्र11:4312:43दिन
बुध12:4313:44दिन
चंद्र13:4414:44दिन
शनि14:4415:44दिन
गुरु15:4416:45दिन
मंगल16:4517:45दिन
सूर्य17:4518:45रात
शुक्र18:4519:44रात
बुध19:4420:44रात
चंद्र20:4421:44रात
शनि21:4422:43रात
गुरु22:4323:43रात
मंगल23:4300:42रात
सूर्य00:4201:42रात
शुक्र01:4202:42रात
बुध02:4203:41रात
चंद्र03:4104:41रात
शनि04:4105:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2585° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।