14 फ़रवरी 2029 को जॉर्जटाउन का पंचांग

बुधवार, 14 फ़रवरी 2029, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

बुधवार, 14 फ़रवरी 2029 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (08:19 तक), नक्षत्र शतभिषा (20:35 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:04
रात 06:09 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
शतभिषा, 20:35 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 08:19 तक
शुक्ल द्वितीया 10:25, 15 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 20:35 तक
पूर्वा भाद्रपद 23:17, 15 फ़र॰ तक
योग
शिव 04:33, 15 फ़र॰ तक
सिद्ध 05:13, 16 फ़र॰ तक
करण
बव 08:19 तक
बालव 21:20 तक
कौलव 10:25, 15 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
06:46
चंद्रास्त
19:02
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:36
यमगंड
07:38 – 09:08
गुलिक काल
10:37 – 12:06

14 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:09 – 07:38शुभ
अमृत07:38 – 09:08शुभ
काल09:08 – 10:37टालें
शुभ10:37 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 15:05टालें
चर15:05 – 16:34सामान्य
लाभ16:34 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:04 – 19:34टालें
शुभ19:34 – 21:05शुभ
अमृत21:05 – 22:36शुभ
चर22:36 – 00:06सामान्य
रोग00:06 – 01:37टालें
काल01:37 – 03:07टालें
लाभ03:07 – 04:38शुभ
उद्वेग04:38 – 06:09टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0907:09दिन
चंद्र07:0908:08दिन
शनि08:0809:08दिन
गुरु09:0810:07दिन
मंगल10:0711:07दिन
सूर्य11:0712:06दिन
शुक्र12:0613:06दिन
बुध13:0614:05दिन
चंद्र14:0515:05दिन
शनि15:0516:04दिन
गुरु16:0417:04दिन
मंगल17:0418:04दिन
सूर्य18:0419:04रात
शुक्र19:0420:04रात
बुध20:0421:05रात
चंद्र21:0522:05रात
शनि22:0523:06रात
गुरु23:0600:06रात
मंगल00:0601:07रात
सूर्य01:0702:07रात
शुक्र02:0703:07रात
बुध03:0704:08रात
चंद्र04:0805:08रात
शनि05:0806:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
3 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2639° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।