20 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 20 सितंबर 2029, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 20 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (09:27 तक), नक्षत्र शतभिषा (05:40, 21 सित॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 13:16 से 14:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 17:49
रात 05:42 तक
तिथि
त्रयोदशी, 09:27 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 05:40 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 09:27 तक
शुक्ल चतुर्दशी 10:48, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 05:40, 21 सित॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 07:51, 22 सित॰ तक
योग
धृति 15:41 तक
शूलअशुभ 15:46, 21 सित॰ तक
करण
तैतिल 09:27 तक
गर 22:05 तक
वणिज 10:48, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
16:24
चंद्रास्त
03:56
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
13:16 – 14:47
यमगंड
05:42 – 07:13
गुलिक काल
08:44 – 10:14

20 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:42 – 07:13शुभ
रोग07:13 – 08:44टालें
उद्वेग08:44 – 10:14टालें
चर10:14 – 11:45सामान्य
लाभ11:45 – 13:16शुभ
अमृत13:16 – 14:47शुभ
काल14:47 – 16:18टालें
शुभ16:18 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:49 – 19:18शुभ
चर19:18 – 20:47सामान्य
रोग20:47 – 22:16टालें
काल22:16 – 23:45टालें
लाभ23:45 – 01:14शुभ
उद्वेग01:14 – 02:43टालें
शुभ02:43 – 04:12शुभ
अमृत04:12 – 05:42शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4206:42दिन
मंगल06:4207:43दिन
सूर्य07:4308:44दिन
शुक्र08:4409:44दिन
बुध09:4410:45दिन
चंद्र10:4511:45दिन
शनि11:4512:46दिन
गुरु12:4613:47दिन
मंगल13:4714:47दिन
सूर्य14:4715:48दिन
शुक्र15:4816:48दिन
बुध16:4817:49दिन
चंद्र17:4918:48रात
शनि18:4819:48रात
गुरु19:4820:47रात
मंगल20:4721:46रात
सूर्य21:4622:46रात
शुक्र22:4623:45रात
बुध23:4500:45रात
चंद्र00:4501:44रात
शनि01:4402:43रात
गुरु02:4303:43रात
मंगल03:4304:42रात
सूर्य04:4205:42रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 सित॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2722° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।