27 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 27 सितंबर 2029, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 27 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (00:20, 28 सित॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (22:12 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 13:13 से 14:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 17:45
रात 05:40 तक
तिथि
पंचमी, 00:20 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका, 22:12 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 00:20, 28 सित॰ तक
कृष्ण षष्ठी 02:34, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:59, 29 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 20:23 तक
सिद्धि 21:10, 28 सित॰ तक
करण
कौलव 11:06 तक
तैतिल 00:20, 28 सित॰ तक
गर 13:30, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
21:18
चंद्रास्त
09:16
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
13:13 – 14:44
यमगंड
05:41 – 07:11
गुलिक काल
08:42 – 10:12

27 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:41 – 07:11शुभ
रोग07:11 – 08:42टालें
उद्वेग08:42 – 10:12टालें
चर10:12 – 11:43सामान्य
लाभ11:43 – 13:13शुभ
अमृत13:13 – 14:44शुभ
काल14:44 – 16:15टालें
शुभ16:15 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:45 – 19:15शुभ
चर19:15 – 20:44सामान्य
रोग20:44 – 22:13टालें
काल22:13 – 23:43टालें
लाभ23:43 – 01:12शुभ
उद्वेग01:12 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:11शुभ
अमृत04:11 – 05:40शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4106:41दिन
मंगल06:4107:41दिन
सूर्य07:4108:42दिन
शुक्र08:4209:42दिन
बुध09:4210:43दिन
चंद्र10:4311:43दिन
शनि11:4312:43दिन
गुरु12:4313:44दिन
मंगल13:4414:44दिन
सूर्य14:4415:44दिन
शुक्र15:4416:45दिन
बुध16:4517:45दिन
चंद्र17:4518:45रात
शनि18:4519:44रात
गुरु19:4420:44रात
मंगल20:4421:44रात
सूर्य21:4422:43रात
शुक्र22:4323:43रात
बुध23:4300:42रात
चंद्र00:4201:42रात
शनि01:4202:42रात
गुरु02:4203:41रात
मंगल03:4104:41रात
सूर्य04:4105:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2725° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।