25 अक्टूबर 2029 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2029, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2029 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (13:04 तक), नक्षत्र रोहिणी (07:16, 26 अक्टू॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 13:05 से 14:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:34
रात 05:39 तक
तिथि
तृतीया, 13:04 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 13:04 तक
कृष्ण चतुर्थी 15:22, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:16, 26 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 02:51, 26 अक्टू॰ तक
परिघअशुभ 03:27, 27 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:04 तक
बव 02:15, 26 अक्टू॰ तक
बालव 15:22, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
20:03
चंद्रास्त
08:02
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
13:05 – 14:35
यमगंड
05:39 – 07:08
गुलिक काल
08:37 – 10:07

25 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:39 – 07:08शुभ
रोग07:08 – 08:37टालें
उद्वेग08:37 – 10:07टालें
चर10:07 – 11:36सामान्य
लाभ11:36 – 13:05शुभ
अमृत13:05 – 14:35शुभ
काल14:35 – 16:04टालें
शुभ16:04 – 17:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:34 – 19:04शुभ
चर19:04 – 20:35सामान्य
रोग20:35 – 22:05टालें
काल22:05 – 23:36टालें
लाभ23:36 – 01:07शुभ
उद्वेग01:07 – 02:37टालें
शुभ02:37 – 04:08शुभ
अमृत04:08 – 05:39शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3906:38दिन
मंगल06:3807:38दिन
सूर्य07:3808:37दिन
शुक्र08:3709:37दिन
बुध09:3710:37दिन
चंद्र10:3711:36दिन
शनि11:3612:36दिन
गुरु12:3613:35दिन
मंगल13:3514:35दिन
सूर्य14:3515:34दिन
शुक्र15:3416:34दिन
बुध16:3417:34दिन
चंद्र17:3418:34रात
शनि18:3419:34रात
गुरु19:3420:35रात
मंगल20:3521:35रात
सूर्य21:3522:36रात
शुक्र22:3623:36रात
बुध23:3600:37रात
चंद्र00:3701:37रात
शनि01:3702:37रात
गुरु02:3703:38रात
मंगल03:3804:38रात
सूर्य04:3805:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2736° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।