9 जनवरी 2027 को इंदौर का पंचांग

शनिवार, 9 जनवरी 2027, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 जनवरी 2027 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (07:07, 10 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:16 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 09:51 से 11:12 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 17:58
रात 07:08 तक
तिथि
द्वितीया, 07:07 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:16 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 07:07, 10 जन॰ तक
शुक्ल तृतीया 09:28, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 15:12, 10 जन॰ तक
योग
हर्षण 16:15 तक
वज्रअशुभ 17:02, 10 जन॰ तक
करण
बालव 17:52 तक
कौलव 07:07, 10 जन॰ तक
तैतिल 20:20, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
08:10
चंद्रास्त
19:18
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
09:51 – 11:12
यमगंड
13:54 – 15:15
गुलिक काल
07:08 – 08:29

9 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:08 – 08:29टालें
शुभ08:29 – 09:51शुभ
रोग09:51 – 11:12टालें
उद्वेग11:12 – 12:33टालें
चर12:33 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:37शुभ
काल16:37 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:58 – 19:37शुभ
उद्वेग19:37 – 21:16टालें
शुभ21:16 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:33शुभ
चर00:33 – 02:12सामान्य
रोग02:12 – 03:51टालें
काल03:51 – 05:30टालें
लाभ05:30 – 07:08शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0808:02दिन
गुरु08:0208:56दिन
मंगल08:5609:51दिन
सूर्य09:5110:45दिन
शुक्र10:4511:39दिन
बुध11:3912:33दिन
चंद्र12:3313:27दिन
शनि13:2714:21दिन
गुरु14:2115:15दिन
मंगल15:1516:10दिन
सूर्य16:1017:04दिन
शुक्र17:0417:58दिन
बुध17:5819:04रात
चंद्र19:0420:10रात
शनि20:1021:16रात
गुरु21:1622:21रात
मंगल22:2123:27रात
सूर्य23:2700:33रात
शुक्र00:3301:39रात
बुध01:3902:45रात
चंद्र02:4503:51रात
शनि03:5104:57रात
गुरु04:5706:02रात
मंगल06:0207:08रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां इंदौर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।