1 फ़रवरी 2027 को जामनगर का पंचांग

सोमवार, 1 फ़रवरी 2027, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 फ़रवरी 2027 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (08:41 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (09:21, 2 फ़र॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 08:52 से 10:16 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:37
रात 07:28 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 08:41 तक
कृष्ण एकादशी 11:10, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 09:21, 2 फ़र॰ तक
योग
ध्रुव 16:56 तक
व्याघातअशुभ 17:47, 2 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:41 तक
बव 21:54 तक
बालव 11:10, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
03:22
चंद्रास्त
14:05
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:37
अभिजीत मुहूर्त
12:41 – 13:25

अशुभ समय

राहुकाल
08:52 – 10:16
यमगंड
11:39 – 13:03
गुलिक काल
14:26 – 15:50

1 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:28 – 08:52शुभ
काल08:52 – 10:16टालें
शुभ10:16 – 11:39शुभ
रोग11:39 – 13:03टालें
उद्वेग13:03 – 14:26टालें
चर14:26 – 15:50सामान्य
लाभ15:50 – 17:14शुभ
अमृत17:14 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:37 – 20:14सामान्य
रोग20:14 – 21:50टालें
काल21:50 – 23:26टालें
लाभ23:26 – 01:03शुभ
उद्वेग01:03 – 02:39टालें
शुभ02:39 – 04:15शुभ
अमृत04:15 – 05:52शुभ
चर05:52 – 07:28सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2808:24दिन
शनि08:2409:20दिन
गुरु09:2010:16दिन
मंगल10:1611:11दिन
सूर्य11:1112:07दिन
शुक्र12:0713:03दिन
बुध13:0313:59दिन
चंद्र13:5914:54दिन
शनि14:5415:50दिन
गुरु15:5016:46दिन
मंगल16:4617:42दिन
सूर्य17:4218:37दिन
शुक्र18:3719:42रात
बुध19:4220:46रात
चंद्र20:4621:50रात
शनि21:5022:54रात
गुरु22:5423:58रात
मंगल23:5801:03रात
सूर्य01:0302:07रात
शुक्र02:0703:11रात
बुध03:1104:15रात
चंद्र04:1505:20रात
शनि05:2006:24रात
गुरु06:2407:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
19 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 फ़र॰ 2027माघ पूर्णिमापूर्णिमा
24 फ़र॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 फ़र॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां जामनगर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2354° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।