23 जनवरी 2028 को जूनागढ़ का पंचांग

रविवार, 23 जनवरी 2028, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 23 जनवरी 2028 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (14:23 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (09:18 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 17:08 से 18:31 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:31
रात 07:27 तक
तिथि
द्वादशी, 14:23 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 14:23 तक
कृष्ण त्रयोदशी 16:09, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 11:28, 24 जन॰ तक
योग
ध्रुव 12:11 तक
व्याघातअशुभ 12:22, 24 जन॰ तक
करण
तैतिल 14:23 तक
गर 03:13, 24 जन॰ तक
वणिज 16:09, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
04:50
चंद्रास्त
15:42
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:22

अशुभ समय

राहुकाल
17:08 – 18:31
यमगंड
12:59 – 14:22
गुलिक काल
15:45 – 17:08

23 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:28 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:14सामान्य
लाभ10:14 – 11:36शुभ
अमृत11:36 – 12:59शुभ
काल12:59 – 14:22टालें
शुभ14:22 – 15:45शुभ
रोग15:45 – 17:08टालें
उद्वेग17:08 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:31 – 20:08शुभ
अमृत20:08 – 21:45शुभ
चर21:45 – 23:22सामान्य
रोग23:22 – 00:59टालें
काल00:59 – 02:36टालें
लाभ02:36 – 04:13शुभ
उद्वेग04:13 – 05:50टालें
शुभ05:50 – 07:27शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2808:23दिन
शुक्र08:2309:18दिन
बुध09:1810:14दिन
चंद्र10:1411:09दिन
शनि11:0912:04दिन
गुरु12:0412:59दिन
मंगल12:5913:55दिन
सूर्य13:5514:50दिन
शुक्र14:5015:45दिन
बुध15:4516:41दिन
चंद्र16:4117:36दिन
शनि17:3618:31दिन
गुरु18:3119:36रात
मंगल19:3620:41रात
सूर्य20:4121:45रात
शुक्र21:4522:50रात
बुध22:5023:55रात
चंद्र23:5500:59रात
शनि00:5902:04रात
गुरु02:0403:09रात
मंगल03:0904:13रात
सूर्य04:1305:18रात
शुक्र05:1806:23रात
बुध06:2307:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां जूनागढ़ में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2490° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।