28 अगस्त 2025 को कोल्हापुर का पंचांग

गुरुवार, 28 अगस्त 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (17:57 तक), नक्षत्र चित्रा (08:43 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 14:07 से 15:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:49
रात 06:19 तक
तिथि
पंचमी, 17:57 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अगस्त 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 17:57 तक
शुक्ल षष्ठी 20:22, 29 अग॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 08:43 तक
स्वाति 11:38, 29 अग॰ तक
योग
शुक्ल 13:18 तक
ब्रह्म 14:12, 29 अग॰ तक
करण
बालव 17:57 तक
कौलव 07:09, 29 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
10:18
चंद्रास्त
21:56
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
14:07 – 15:41
यमगंड
06:19 – 07:52
गुलिक काल
09:26 – 11:00

28 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 07:52शुभ
रोग07:52 – 09:26टालें
उद्वेग09:26 – 11:00टालें
चर11:00 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 14:07शुभ
अमृत14:07 – 15:41शुभ
काल15:41 – 17:15टालें
शुभ17:15 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:49 – 20:15शुभ
चर20:15 – 21:41सामान्य
रोग21:41 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 02:00शुभ
उद्वेग02:00 – 03:26टालें
शुभ03:26 – 04:53शुभ
अमृत04:53 – 06:19शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:21दिन
मंगल07:2108:24दिन
सूर्य08:2409:26दिन
शुक्र09:2610:29दिन
बुध10:2911:31दिन
चंद्र11:3112:34दिन
शनि12:3413:36दिन
गुरु13:3614:39दिन
मंगल14:3915:41दिन
सूर्य15:4116:44दिन
शुक्र16:4417:46दिन
बुध17:4618:49दिन
चंद्र18:4919:46रात
शनि19:4620:44रात
गुरु20:4421:41रात
मंगल21:4122:39रात
सूर्य22:3923:36रात
शुक्र23:3600:34रात
बुध00:3401:31रात
चंद्र01:3102:29रात
शनि02:2903:26रात
गुरु03:2604:24रात
मंगल04:2405:21रात
सूर्य05:2106:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
11 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
26 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां कोल्हापुर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2154° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।