21 दिसंबर 2028 को कोल्हापुर का पंचांग

गुरुवार, 21 दिसंबर 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 21 दिसंबर 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:23 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (11:36 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 13:54 से 15:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:05
रात 06:57 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 11:36 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:23 तक
शुक्ल षष्ठी 11:31, 22 दिस॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:13, 22 दिस॰ तक
योग
वज्रअशुभ 01:43, 22 दिस॰ तक
सिद्धि 02:24, 23 दिस॰ तक
करण
बालव 09:23 तक
कौलव 22:24 तक
तैतिल 11:31, 22 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
10:46
चंद्रास्त
22:50
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
13:54 – 15:18
यमगंड
06:57 – 08:20
गुलिक काल
09:44 – 11:07

21 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:57 – 08:20शुभ
रोग08:20 – 09:44टालें
उद्वेग09:44 – 11:07टालें
चर11:07 – 12:31सामान्य
लाभ12:31 – 13:54शुभ
अमृत13:54 – 15:18शुभ
काल15:18 – 16:41टालें
शुभ16:41 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:05 – 19:41शुभ
चर19:41 – 21:18सामान्य
रोग21:18 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 02:08शुभ
उद्वेग02:08 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:21शुभ
अमृत05:21 – 06:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5707:52दिन
मंगल07:5208:48दिन
सूर्य08:4809:44दिन
शुक्र09:4410:39दिन
बुध10:3911:35दिन
चंद्र11:3512:31दिन
शनि12:3113:26दिन
गुरु13:2614:22दिन
मंगल14:2215:18दिन
सूर्य15:1816:14दिन
शुक्र16:1417:09दिन
बुध17:0918:05दिन
चंद्र18:0519:09रात
शनि19:0920:14रात
गुरु20:1421:18रात
मंगल21:1822:22रात
सूर्य22:2223:27रात
शुक्र23:2700:31रात
बुध00:3101:35रात
चंद्र01:3502:40रात
शनि02:4003:44रात
गुरु03:4404:49रात
मंगल04:4905:53रात
सूर्य05:5306:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 दिस॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 दिस॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
31 दिस॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
4 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां कोल्हापुर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2618° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।