6 मई 2028 को कोलकाता का पंचांग

शनिवार, 6 मई 2028, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 मई 2028 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:48 तक), नक्षत्र हस्त (21:08 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:00 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 08:17 से 09:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:00 – 18:05
रात 05:00 तक
तिथि
द्वादशी, 08:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त, 21:08 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मई 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:48 तक
शुक्ल त्रयोदशी 06:06, 7 मई तक
नक्षत्र
हस्त 21:08 तक
चित्रा 19:17, 7 मई तक
योग
हर्षण 07:07 तक
वज्रअशुभ 03:48, 7 मई तक
सिद्धि 00:37, 8 मई तक
करण
बालव 08:48 तक
कौलव 19:26 तक
तैतिल 06:06, 7 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:00
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
15:39
चंद्रास्त
02:43
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:33 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
08:17 – 09:55
यमगंड
13:11 – 14:49
गुलिक काल
05:00 – 06:38

6 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:00 – 06:38टालें
शुभ06:38 – 08:17शुभ
रोग08:17 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:33टालें
चर11:33 – 13:11सामान्य
लाभ13:11 – 14:49शुभ
अमृत14:49 – 16:27शुभ
काल16:27 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:05 – 19:27शुभ
उद्वेग19:27 – 20:49टालें
शुभ20:49 – 22:11शुभ
अमृत22:11 – 23:32शुभ
चर23:32 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:16टालें
काल02:16 – 03:38टालें
लाभ03:38 – 05:00शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0006:06दिन
गुरु06:0607:11दिन
मंगल07:1108:17दिन
सूर्य08:1709:22दिन
शुक्र09:2210:27दिन
बुध10:2711:33दिन
चंद्र11:3312:38दिन
शनि12:3813:44दिन
गुरु13:4414:49दिन
मंगल14:4915:54दिन
सूर्य15:5417:00दिन
शुक्र17:0018:05दिन
बुध18:0519:00रात
चंद्र19:0019:54रात
शनि19:5420:49रात
गुरु20:4921:43रात
मंगल21:4322:38रात
सूर्य22:3823:32रात
शुक्र23:3200:27रात
बुध00:2701:22रात
चंद्र01:2202:16रात
शनि02:1603:11रात
गुरु03:1104:05रात
मंगल04:0505:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मई 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 मई 2028वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
12 मई 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मई 2028वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मई 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 मई 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 मई 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 मई 2028ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
28 मई 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 जून 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां कोलकाता में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2530° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।