18 जनवरी 2026 को कोझिकोड का पंचांग

रविवार, 18 जनवरी 2026, कोझिकोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 जनवरी 2026 को कोझिकोड में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:22, 19 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (10:14 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 16:57 से 18:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 18:23
रात 06:50 तक
तिथि
अमावस्या, 01:22 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 01:22, 19 जन॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 02:14, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 11:52, 19 जन॰ तक
योग
हर्षण 21:11 तक
वज्रअशुभ 20:45, 19 जन॰ तक
करण
चतुष्पद 12:46 तक
नाग 01:22, 19 जन॰ तक
किंस्तुघ्न 13:51, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 16:41 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
06:24
चंद्रास्त
18:04
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
16:57 – 18:23
यमगंड
12:37 – 14:03
गुलिक काल
15:30 – 16:57

18 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:50 – 08:17टालें
चर08:17 – 09:43सामान्य
लाभ09:43 – 11:10शुभ
अमृत11:10 – 12:37शुभ
काल12:37 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:30शुभ
रोग15:30 – 16:57टालें
उद्वेग16:57 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:23 – 19:57शुभ
अमृत19:57 – 21:30शुभ
चर21:30 – 23:03सामान्य
रोग23:03 – 00:37टालें
काल00:37 – 02:10टालें
लाभ02:10 – 03:44शुभ
उद्वेग03:44 – 05:17टालें
शुभ05:17 – 06:50शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5007:48दिन
शुक्र07:4808:46दिन
बुध08:4609:43दिन
चंद्र09:4310:41दिन
शनि10:4111:39दिन
गुरु11:3912:37दिन
मंगल12:3713:35दिन
सूर्य13:3514:32दिन
शुक्र14:3215:30दिन
बुध15:3016:28दिन
चंद्र16:2817:26दिन
शनि17:2618:23दिन
गुरु18:2319:26रात
मंगल19:2620:28रात
सूर्य20:2821:30रात
शुक्र21:3022:32रात
बुध22:3223:35रात
चंद्र23:3500:37रात
शनि00:3701:39रात
गुरु01:3902:41रात
मंगल02:4103:44रात
सूर्य03:4404:46रात
शुक्र04:4605:48रात
बुध05:4806:50रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां कोझिकोड में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय कोझिकोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।