28 मार्च 2027 को कोझिकोड का पंचांग

रविवार, 28 मार्च 2027, कोझिकोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 मार्च 2027 को कोझिकोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (15:05 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (00:32, 29 मार्च तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 17:06 से 18:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:37
रात 06:25 तक
तिथि
षष्ठी, 15:05 तक
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 00:32 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 15:05 तक
कृष्ण सप्तमी 17:11, 29 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 00:32, 29 मार्च तक
मूल 03:18, 30 मार्च तक
योग
व्यतीपातअशुभ 06:07, 29 मार्च तक
वरीयान 06:54, 30 मार्च तक
करण
वणिज 15:05 तक
विष्टि (भद्रा) 04:04, 29 मार्च तक
बव 17:11, 29 मार्च तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 00:32, 29 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:43
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
17:06 – 18:37
यमगंड
12:32 – 14:03
गुलिक काल
15:34 – 17:06

28 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:26 – 07:57टालें
चर07:57 – 09:29सामान्य
लाभ09:29 – 11:00शुभ
अमृत11:00 – 12:32शुभ
काल12:32 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:34शुभ
रोग15:34 – 17:06टालें
उद्वेग17:06 – 18:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:37 – 20:06शुभ
अमृत20:06 – 21:34शुभ
चर21:34 – 23:03सामान्य
रोग23:03 – 00:31टालें
काल00:31 – 02:00टालें
लाभ02:00 – 03:28शुभ
उद्वेग03:28 – 04:57टालें
शुभ04:57 – 06:25शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2607:27दिन
शुक्र07:2708:28दिन
बुध08:2809:29दिन
चंद्र09:2910:30दिन
शनि10:3011:31दिन
गुरु11:3112:32दिन
मंगल12:3213:33दिन
सूर्य13:3314:34दिन
शुक्र14:3415:34दिन
बुध15:3416:35दिन
चंद्र16:3517:36दिन
शनि17:3618:37दिन
गुरु18:3719:36रात
मंगल19:3620:35रात
सूर्य20:3521:34रात
शुक्र21:3422:33रात
बुध22:3323:32रात
चंद्र23:3200:31रात
शनि00:3101:30रात
गुरु01:3002:29रात
मंगल02:2903:28रात
सूर्य03:2804:27रात
शुक्र04:2705:26रात
बुध05:2606:25रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां कोझिकोड में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2375° (लाहिड़ी)। समय कोझिकोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।