6 दिसंबर 2025 को लंदन का पंचांग

शनिवार, 6 दिसंबर 2025, लंदन, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

शनिवार, 6 दिसंबर 2025 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:56 तक), नक्षत्र आर्द्रा (00:43, 7 दिस॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:50 पर और सूर्यास्त 15:52 पर है। राहुकाल 09:51 से 10:51 तक है।

दिन और रात
दिन 07:50 – 15:52
रात 07:51 तक
तिथि
द्वितीया, 15:56 तक
तृतीया
नक्षत्र
आर्द्रा, 00:43 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:56 तक
कृष्ण तृतीया 12:55, 7 दिस॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 00:43, 7 दिस॰ तक
पुनर्वसु 22:41, 7 दिस॰ तक
योग
शुभ 18:15 तक
शुक्ल 14:37, 7 दिस॰ तक
करण
गर 15:56 तक
वणिज 02:21, 7 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:55, 7 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:50
सूर्यास्त
15:52
चंद्रोदय
16:57
चंद्रास्त
10:08
दिनमान
8h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:46
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
09:51 – 10:51
यमगंड
12:51 – 13:51
गुलिक काल
07:50 – 08:50

6 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:50 – 08:50टालें
शुभ08:50 – 09:51शुभ
रोग09:51 – 10:51टालें
उद्वेग10:51 – 11:51टालें
चर11:51 – 12:51सामान्य
लाभ12:51 – 13:51शुभ
अमृत13:51 – 14:52शुभ
काल14:52 – 15:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ15:52 – 17:52शुभ
उद्वेग17:52 – 19:52टालें
शुभ19:52 – 21:52शुभ
अमृत21:52 – 23:52शुभ
चर23:52 – 01:52सामान्य
रोग01:52 – 03:51टालें
काल03:51 – 05:51टालें
लाभ05:51 – 07:51शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:5008:30दिन
गुरु08:3009:10दिन
मंगल09:1009:51दिन
सूर्य09:5110:31दिन
शुक्र10:3111:11दिन
बुध11:1111:51दिन
चंद्र11:5112:31दिन
शनि12:3113:11दिन
गुरु13:1113:51दिन
मंगल13:5114:32दिन
सूर्य14:3215:12दिन
शुक्र15:1215:52दिन
बुध15:5217:12रात
चंद्र17:1218:32रात
शनि18:3219:52रात
गुरु19:5221:12रात
मंगल21:1222:32रात
सूर्य22:3223:52रात
शुक्र23:5201:12रात
बुध01:1202:31रात
चंद्र02:3103:51रात
शनि03:5105:11रात
गुरु05:1106:31रात
मंगल06:3107:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 दिस॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 दिस॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 दिस॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 दिस॰ 2025धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिस॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 दिस॰ 2025पौष अमावस्याअमावस्या
23 दिस॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 जन॰ 2026पौष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां लंदन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2193° (लाहिड़ी)। समय लंदन (Europe/London) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।