10 अगस्त 2028 को लंदन का पंचांग

गुरुवार, 10 अगस्त 2028, लंदन, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

गुरुवार, 10 अगस्त 2028 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (20:43 तक), नक्षत्र रेवती (07:52, 11 अग॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 20:31 पर है। राहुकाल 14:56 से 16:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 20:31
रात 05:40 तक
तिथि
पंचमी, 20:43 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अगस्त 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 20:43 तक
कृष्ण षष्ठी 22:42, 11 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:52, 11 अग॰ तक
योग
धृति 16:39 तक
शूलअशुभ 17:19, 11 अग॰ तक
करण
कौलव 07:36 तक
तैतिल 20:43 तक
गर 09:45, 11 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
20:31
चंद्रोदय
21:40
चंद्रास्त
11:18
दिनमान
14h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
12:35 – 13:35

अशुभ समय

राहुकाल
14:56 – 16:48
यमगंड
05:38 – 07:30
गुलिक काल
09:22 – 11:13

10 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:38 – 07:30शुभ
रोग07:30 – 09:22टालें
उद्वेग09:22 – 11:13टालें
चर11:13 – 13:05सामान्य
लाभ13:05 – 14:56शुभ
अमृत14:56 – 16:48शुभ
काल16:48 – 18:40टालें
शुभ18:40 – 20:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत20:31 – 21:40शुभ
चर21:40 – 22:48सामान्य
रोग22:48 – 23:57टालें
काल23:57 – 01:06टालें
लाभ01:06 – 02:14शुभ
उद्वेग02:14 – 03:23टालें
शुभ03:23 – 04:31शुभ
अमृत04:31 – 05:40शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3806:53दिन
मंगल06:5308:07दिन
सूर्य08:0709:22दिन
शुक्र09:2210:36दिन
बुध10:3611:50दिन
चंद्र11:5013:05दिन
शनि13:0514:19दिन
गुरु14:1915:34दिन
मंगल15:3416:48दिन
सूर्य16:4818:02दिन
शुक्र18:0219:17दिन
बुध19:1720:31दिन
चंद्र20:3121:17रात
शनि21:1722:03रात
गुरु22:0322:48रात
मंगल22:4823:34रात
सूर्य23:3400:20रात
शुक्र00:2001:06रात
बुध01:0601:51रात
चंद्र01:5102:37रात
शनि02:3703:23रात
गुरु03:2304:08रात
मंगल04:0804:54रात
सूर्य04:5405:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 अग॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अग॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अग॰ 2028सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
8 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां लंदन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2567° (लाहिड़ी)। समय लंदन (Europe/London) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।