14 जनवरी 2029 को लंदन का पंचांग

रविवार, 14 जनवरी 2029, लंदन, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

रविवार, 14 जनवरी 2029 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (17:24 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (10:07 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 08:00 पर और सूर्यास्त 16:19 पर है। राहुकाल 15:17 से 16:19 तक है।

दिन और रात
दिन 08:00 – 16:19
रात 07:59 तक
तिथि
अमावस्या, 17:24 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 17:24 तक
शुक्ल प्रतिपदा 18:00, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 11:08, 15 जन॰ तक
योग
हर्षण 03:00, 15 जन॰ तक
वज्रअशुभ 02:26, 16 जन॰ तक
करण
नाग 17:24 तक
किंस्तुघ्न 05:38, 15 जन॰ तक
बव 18:00, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 16:20 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
08:00
सूर्यास्त
16:19
चंद्रोदय
07:48
चंद्रास्त
16:14
दिनमान
8h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:54 – 06:57
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
15:17 – 16:19
यमगंड
12:09 – 13:12
गुलिक काल
14:14 – 15:17

14 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग08:00 – 09:02टालें
चर09:02 – 10:04सामान्य
लाभ10:04 – 11:07शुभ
अमृत11:07 – 12:09शुभ
काल12:09 – 13:12टालें
शुभ13:12 – 14:14शुभ
रोग14:14 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 16:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:19 – 18:17शुभ
अमृत18:17 – 20:14शुभ
चर20:14 – 22:12सामान्य
रोग22:12 – 00:09टालें
काल00:09 – 02:06टालें
लाभ02:06 – 04:04शुभ
उद्वेग04:04 – 06:01टालें
शुभ06:01 – 07:59शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य08:0008:41दिन
शुक्र08:4109:23दिन
बुध09:2310:04दिन
चंद्र10:0410:46दिन
शनि10:4611:28दिन
गुरु11:2812:09दिन
मंगल12:0912:51दिन
सूर्य12:5113:33दिन
शुक्र13:3314:14दिन
बुध14:1414:56दिन
चंद्र14:5615:38दिन
शनि15:3816:19दिन
गुरु16:1917:38रात
मंगल17:3818:56रात
सूर्य18:5620:14रात
शुक्र20:1421:32रात
बुध21:3222:51रात
चंद्र22:5100:09रात
शनि00:0901:27रात
गुरु01:2702:46रात
मंगल02:4604:04रात
सूर्य04:0405:22रात
शुक्र05:2206:40रात
बुध06:4007:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां लंदन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2627° (लाहिड़ी)। समय लंदन (Europe/London) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।