2 जनवरी 2025 को मेलबर्न का पंचांग

गुरुवार, 2 जनवरी 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

गुरुवार, 2 जनवरी 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (07:54 तक), नक्षत्र श्रवण (04:40, 3 जन॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 20:45 पर है। राहुकाल 15:14 से 17:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 20:45
रात 06:03 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
श्रवण, 04:40 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 07:54 तक
शुक्ल तृतीया 06:38, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 04:40, 3 जन॰ तक
धनिष्ठा 03:51, 4 जन॰ तक
योग
हर्षण 20:27 तक
वज्रअशुभ 18:07, 3 जन॰ तक
करण
कौलव 07:54 तक
तैतिल 19:18 तक
गर 06:38, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
20:45
चंद्रोदय
07:54
चंद्रास्त
22:46
दिनमान
14h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
12:54 – 13:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:14 – 17:04
यमगंड
06:02 – 07:52
गुलिक काल
09:43 – 11:33

2 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:52शुभ
रोग07:52 – 09:43टालें
उद्वेग09:43 – 11:33टालें
चर11:33 – 13:23सामान्य
लाभ13:23 – 15:14शुभ
अमृत15:14 – 17:04शुभ
काल17:04 – 18:55टालें
शुभ18:55 – 20:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत20:45 – 21:55शुभ
चर21:55 – 23:04सामान्य
रोग23:04 – 00:14टालें
काल00:14 – 01:24टालें
लाभ01:24 – 02:34शुभ
उद्वेग02:34 – 03:43टालें
शुभ03:43 – 04:53शुभ
अमृत04:53 – 06:03शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0207:16दिन
मंगल07:1608:29दिन
सूर्य08:2909:43दिन
शुक्र09:4310:56दिन
बुध10:5612:10दिन
चंद्र12:1013:23दिन
शनि13:2314:37दिन
गुरु14:3715:51दिन
मंगल15:5117:04दिन
सूर्य17:0418:18दिन
शुक्र18:1819:31दिन
बुध19:3120:45दिन
चंद्र20:4521:32रात
शनि21:3222:18रात
गुरु22:1823:04रात
मंगल23:0423:51रात
सूर्य23:5100:37रात
शुक्र00:3701:24रात
बुध01:2402:10रात
चंद्र02:1002:57रात
शनि02:5703:43रात
गुरु03:4304:30रात
मंगल04:3005:16रात
सूर्य05:1606:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2063° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।