8 जनवरी 2025 को मेलबर्न का पंचांग

बुधवार, 8 जनवरी 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

बुधवार, 8 जनवरी 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (19:56 तक), नक्षत्र अश्विनी (21:59 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 20:45 पर है। राहुकाल 13:26 से 15:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 20:45
रात 06:08 तक
तिथि
नवमी, 19:56 तक
दशमी
नक्षत्र
अश्विनी, 21:59 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 19:56 तक
शुक्ल दशमी 17:53, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 20:37, 9 जन॰ तक
योग
सिद्ध 01:53, 9 जन॰ तक
साध्य 22:59, 9 जन॰ तक
करण
बालव 08:57 तक
कौलव 19:56 तक
तैतिल 06:54, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
20:45
चंद्रोदय
14:58
चंद्रास्त
01:02
दिनमान
14h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:57 – 13:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:26 – 15:16
यमगंड
07:57 – 09:47
गुलिक काल
11:36 – 13:26

8 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:07 – 07:57शुभ
अमृत07:57 – 09:47शुभ
काल09:47 – 11:36टालें
शुभ11:36 – 13:26शुभ
रोग13:26 – 15:16टालें
उद्वेग15:16 – 17:06टालें
चर17:06 – 18:55सामान्य
लाभ18:55 – 20:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग20:45 – 21:55टालें
शुभ21:55 – 23:06शुभ
अमृत23:06 – 00:16शुभ
चर00:16 – 01:27सामान्य
रोग01:27 – 02:37टालें
काल02:37 – 03:47टालें
लाभ03:47 – 04:58शुभ
उद्वेग04:58 – 06:08टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0707:20दिन
चंद्र07:2008:34दिन
शनि08:3409:47दिन
गुरु09:4711:00दिन
मंगल11:0012:13दिन
सूर्य12:1313:26दिन
शुक्र13:2614:39दिन
बुध14:3915:52दिन
चंद्र15:5217:06दिन
शनि17:0618:19दिन
गुरु18:1919:32दिन
मंगल19:3220:45दिन
सूर्य20:4521:32रात
शुक्र21:3222:19रात
बुध22:1923:06रात
चंद्र23:0623:53रात
शनि23:5300:40रात
गुरु00:4001:27रात
मंगल01:2702:14रात
सूर्य02:1403:00रात
शुक्र03:0003:47रात
बुध03:4704:34रात
चंद्र04:3405:21रात
शनि05:2106:08रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
2 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2066° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।