10 जनवरी 2025 को मेलबर्न का पंचांग

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (15:50 तक), नक्षत्र कृत्तिका (19:15 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 20:45 पर है। राहुकाल 11:37 से 13:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 20:45
रात 06:10 तक
तिथि
एकादशी, 15:50 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 19:15 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 15:50 तक
शुक्ल द्वादशी 13:52, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 17:59, 11 जन॰ तक
योग
शुभ 20:06 तक
शुक्ल 17:18, 11 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:50 तक
बव 02:50, 11 जन॰ तक
बालव 13:52, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
20:45
चंद्रोदय
17:27
चंद्रास्त
02:08
दिनमान
14h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:58 – 13:56

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 13:27
यमगंड
17:06 – 18:55
गुलिक काल
07:59 – 09:48

10 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:09 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:48शुभ
अमृत09:48 – 11:37शुभ
काल11:37 – 13:27टालें
शुभ13:27 – 15:16शुभ
रोग15:16 – 17:06टालें
उद्वेग17:06 – 18:55टालें
चर18:55 – 20:45सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग20:45 – 21:55टालें
काल21:55 – 23:06टालें
लाभ23:06 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:27टालें
शुभ01:27 – 02:38शुभ
अमृत02:38 – 03:49शुभ
चर03:49 – 04:59सामान्य
रोग04:59 – 06:10टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0907:22दिन
बुध07:2208:35दिन
चंद्र08:3509:48दिन
शनि09:4811:01दिन
गुरु11:0112:14दिन
मंगल12:1413:27दिन
सूर्य13:2714:40दिन
शुक्र14:4015:53दिन
बुध15:5317:06दिन
चंद्र17:0618:19दिन
शनि18:1919:32दिन
गुरु19:3220:45दिन
मंगल20:4521:32रात
सूर्य21:3222:19रात
शुक्र22:1923:06रात
बुध23:0623:53रात
चंद्र23:5300:40रात
शनि00:4001:27रात
गुरु01:2702:15रात
मंगल02:1503:02रात
सूर्य03:0203:49रात
शुक्र03:4904:36रात
बुध04:3605:23रात
चंद्र05:2306:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
2 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2066° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।