26 जनवरी 2025 को मेलबर्न का पंचांग

रविवार, 26 जनवरी 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

रविवार, 26 जनवरी 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (02:25, 27 जन॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (13:56 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 20:37 पर है। राहुकाल 18:51 से 20:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 20:37
रात 06:27 तक
तिथि
द्वादशी, 02:25 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 13:56 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 02:25, 27 जन॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 02:05, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 14:32, 27 जन॰ तक
योग
ध्रुव 10:07 तक
व्याघातअशुभ 09:03, 27 जन॰ तक
करण
कौलव 14:19 तक
तैतिल 02:25, 27 जन॰ तक
गर 14:20, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
20:37
चंद्रोदय
02:29
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
14h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
13:03 – 14:00

अशुभ समय

राहुकाल
18:51 – 20:37
यमगंड
13:32 – 15:18
गुलिक काल
17:05 – 18:51

26 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:26 – 08:13टालें
चर08:13 – 09:59सामान्य
लाभ09:59 – 11:45शुभ
अमृत11:45 – 13:32शुभ
काल13:32 – 15:18टालें
शुभ15:18 – 17:05शुभ
रोग17:05 – 18:51टालें
उद्वेग18:51 – 20:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ20:37 – 21:51शुभ
अमृत21:51 – 23:05शुभ
चर23:05 – 00:19सामान्य
रोग00:19 – 01:32टालें
काल01:32 – 02:46टालें
लाभ02:46 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:14टालें
शुभ05:14 – 06:27शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2607:37दिन
शुक्र07:3708:48दिन
बुध08:4809:59दिन
चंद्र09:5911:10दिन
शनि11:1012:21दिन
गुरु12:2113:32दिन
मंगल13:3214:43दिन
सूर्य14:4315:54दिन
शुक्र15:5417:05दिन
बुध17:0518:16दिन
चंद्र18:1619:26दिन
शनि19:2620:37दिन
गुरु20:3721:27रात
मंगल21:2722:16रात
सूर्य22:1623:05रात
शुक्र23:0523:54रात
बुध23:5400:43रात
चंद्र00:4301:32रात
शनि01:3202:22रात
गुरु02:2203:11रात
मंगल03:1104:00रात
सूर्य04:0004:49रात
शुक्र04:4905:38रात
बुध05:3806:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
2 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 फ़र॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।